देहरादून: जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने एयरपोर्ट विस्तार में किसी भी प्रकार की देरी या बाधा को अनुमन्य नहीं बताया। उन्होंने प्रभावितों को तुरंत मुआवजा वितरण करने के निर्देश दिए और कहा कि एयरपोर्ट विस्तार मा0 मुख्यमंत्री की उच्च प्राथमिकता वाला प्रोजेक्ट है, जिसमें देरी क्षम्य नहीं होगी।

जिलाधिकारी ने डंपिंग यार्ड में तेजी से कूड़ा निस्तारण करने के लिए नगर पालिका को ट्रामेल और पोकलैंड मशीनें तुरंत खरीदने के निर्देश दिए। डीएम ने चेतावनी दी कि मशीनें खरीदे बिना पालिका के किसी भी प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं दी जाएगी। साथ ही डंपिंग यार्ड को टिन शेड से कवर करने, मैनपावर बढ़ाने और कूड़ा निस्तारण में तेजी लाने के आदेश दिए गए।
बैठक में एयरपोर्ट पर्यावरण प्रबंधन समिति ने हवाई अड्डे के 10 किलोमीटर संचालन क्षेत्र में बर्ड स्ट्राइक और वन्यजीव सुरक्षा को लेकर भी समीक्षा की। डीएम ने कहा कि विमान, पैसेंजर और आमजन की सुरक्षा हमारा सर्वोच्च कर्तव्य है। उन्होंने डंपिंग यार्ड विस्थापन के लिए एसडीएम डोईवाला को सात दिनों में नई सरकारी भूमि चिन्हित करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि एयरपोर्ट विस्तार से न केवल राज्य की आय में इजाफा होगा, बल्कि स्थानीय लोगों को नौकरी और रोजगार के अवसर मिलेंगे और राज्य की संस्कृति और परंपरा को विश्व स्तर पर प्रदर्शित किया जा सकेगा। इसके अलावा, एयरपोर्ट परिसर के अंदर और बाहर नाली की क्षमता और सफाई में सुधार के लिए सिंचाई विभाग को निर्देशित किया गया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी, एसडीएम, विमानपत्तन निदेशक, उप महाप्रबंधक और नगर पालिका के अधिकारी उपस्थित थे। डीएम का संदेश स्पष्ट है: जौलीग्रांट एयरपोर्ट विस्तार में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी, और हर स्तर पर सुरक्षा एवं पर्यावरण प्रबंधन सर्वोपरि होगा।






