देहरादून, 20 सितम्बर 2025।
भीषण वर्षा से हुई दैवीय आपदा के बीच जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल ने राहत और बचाव कार्य को युद्धस्तर पर संचालित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 34 और 72 के तहत आदेश जारी करते हुए डीएम ने प्रभावित क्षेत्रों—फुलेत, छमरोली, सिमयारी, सिल्ला, क्यारी और सिरोना—में विशेष तहसीलदार, बीडीओ और विभागीय अधिकारियों को अग्रिम आदेश तक तैनात कर दिया है।
डीएम स्वयं गाढ, गदेरे, ढौंड और ढंगार पार कर दुर्गम रास्तों से प्रभावित गांवों तक पहुंचे और लगभग 4,000 प्रभावित आबादी का दर्द साझा किया। उन्होंने हेलीकॉप्टर सेवा का विकल्प छोड़कर पैदल व सड़क मार्ग से भ्रमण कर भवन क्षति, भूमि कटाव, फसल हानि और पशु नुकसान का प्रत्यक्ष जायजा लिया।
राहत और पुनर्वास हेतु सख्त निर्देश
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लोनिवि अधिकारियों को भवनों की टेक्निकल रिपोर्ट आज ही प्रस्तुत करने के आदेश।
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पीएमजीएसवाई को मृतक एवं लापता मजदूरों का समुचित विवरण तत्काल प्रस्तुत करने का निर्देश।
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फुलेत गांव में ब्लॉक खाले और पैदल रास्ते खोलने के लिए पीएमजीएसवाई को मौके पर ही धन की स्वीकृति; कार्य आज से प्रारंभ करने के आदेश।
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विद्यालयों से जुड़ी समस्याओं की जांच हेतु मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारी को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश।
प्रभावित क्षेत्र में अधिकारियों की जिम्मेदारी
तहसीलदार, ब्लॉक प्रभारी कृषि, एडीओ उद्यान, जेई लोनिवि, सिंचाई विभाग के अधिकारी—सभी को क्षेत्र में ही डेरा डालकर क्षति का आकलन और मुआवजा वितरण कार्य पूरा होने तक तैनात रहने के आदेश दिए गए हैं।
डीएम का सख्त संदेश
डीएम सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि राहत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षमा योग्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यदि निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि मा. मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को शीघ्र सामान्य बनाया जाए।






