ऋषिकेश। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए सही आहार का चुनाव बेहद जरूरी माना जाता है। इसी क्रम में पहाड़ी क्षेत्रों में उगने वाला झंगुरा, जिसे Barnyard Millet या कुटकी भी कहा जाता है, आज के समय का सुपर फूड साबित हो रहा है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार झंगुरा न केवल वजन और शुगर को कंट्रोल करता है, बल्कि यह दिल और पाचन तंत्र के लिए भी रामबाण है।
आयुष विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार के मुताबिक झंगुरा में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा भरपूर पाई जाती है। यह मांसपेशियों के निर्माण, शरीर की मरम्मत और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में सहायक है। फाइबर लंबे समय तक पेट को भरा रखता है, जिससे अनावश्यक भूख नहीं लगती और वजन नियंत्रित रहता है। साथ ही, झंगुरा का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने से यह ब्लड शुगर के स्तर को अचानक बढ़ने नहीं देता, जो मधुमेह रोगियों के लिए बेहद लाभकारी है।
झंगुरा में कैल्शियम और आयरन जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। आयरन रक्त संचार को बेहतर करता है और शरीर में थकान को कम करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि झंगुरा को दैनिक आहार में शामिल करने से हृदय रोगों का खतरा कम होता है, क्योंकि यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है और हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होता है। इसलिए पहाड़ी सुपर मिलेट्स में शामिल झंगुरा न केवल पारंपरिक भोजन का हिस्सा है, बल्कि आज की तेज़ रफ्तार जीवनशैली में स्वास्थ्य बनाए रखने का प्राकृतिक उपाय भी है।






