देहरादून ज़िले के दूरस्थ गांव उटैल-बैसोगिलानी में वो हुआ, जो बरसों में नहीं हुआ था! धुंध भरे मौसम, उबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों और दुर्गम हालातों को चीरते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल अपने प्रशासनिक दल के साथ जब जनता के द्वार पहुंचे, तो ग्रामीणों के चेहरों पर उम्मीद की एक नई किरण जग उठी

सरकार जनता के द्वार” अभियान के तहत लगे इस बहुउद्देशीय शिविर में 166 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 56 का निस्तारण मौके पर ही कर डीएम ने ताबड़तोड़ एक्शन की बानगी पेश की।
सबसे बड़ा फैसला आया उटैल के गरीब जौहर सिंह के लिए, जिनका ₹15,000 का बिजली बिल डीएम ने रायफल फंड से माफ करवा दिया। पेयजल, सड़क, शिक्षा और मुआवज़े से जुड़ी शिकायतों पर भी त्वरित आदेश देते हुए संबंधित विभागों को जवाबदेह ठहराया गया।
268 लोगों की स्वास्थ्य जांच, 62 वृद्धों को सहायक उपकरण, 25 आयुष्मान कार्ड, और 150+ कृषि उपकरणों का वितरण – ये आंकड़े बताते हैं कि ये शिविर सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जन-क्रांति थी।
डीएम ने खुद स्टॉलों का निरीक्षण कर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। ग्राम पंचायतों से लेकर लोनिवि, जल संस्थान, समाज कल्याण, बाल विकास, विद्युत, कृषि और मत्स्य विभाग तक – सभी को अलर्ट मोड में लाकर जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया गया।

बड़ा ऐलान:
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‘नई दिशा महिला समूह’ को ₹9 लाख की सहायता।
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10 दिव्यांगों को वहीं पर प्रमाण पत्र।
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लखवाड़ व व्यासी बांध प्रभावितों को मुआवज़े का भरोसा।
ग्रामीणों ने भी पहली बार खुद को प्रशासन के इतने करीब पाया। डीएम की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता ने इस दूरस्थ इलाके में सिस्टम पर विश्वास जगा दिया।






