देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। मौसम विभाग ने 13 से 17 अगस्त तक राज्य के विभिन्न जिलों के लिए पांच दिवसीय मौसम चेतावनी जारी की है। इस दौरान कई पर्वतीय और मैदानी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और बारिश के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार 13 अगस्त को देहरादून, टिहरी, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। राज्य के पर्वतीय जिलों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना है। उधम सिंह नगर में भी कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमक सकती है।
14 अगस्त को मौसम और अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है। देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों में आकाशीय बिजली के साथ अत्यंत तीव्र बारिश का दौर भी देखने को मिल सकता है। इसके अलावा चंपावत, टिहरी, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में भी कहीं-कहीं भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
15 अगस्त को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, नैनीताल, चंपावत और बागेश्वर में भारी बारिश हो सकती है। पर्वतीय जिलों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ तीव्र से अति तीव्र बारिश होने की संभावना है। हरिद्वार और उधम सिंह नगर में भी गरज के साथ बिजली चमकने की आशंका जताई गई है। वहीं, चंपावत, बागेश्वर और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत तीव्र बारिश का दौर आने की संभावना है।
16 अगस्त को देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, चमोली, उधम सिंह नगर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, उधम सिंह नगर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा तीव्र से अति तीव्र बारिश का पूर्वानुमान है। खास तौर पर देहरादून और टिहरी में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत तीव्र बारिश का दौर हो सकता है।
17 अगस्त को देहरादून और टिहरी में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन दोनों जिलों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ अति तीव्र से अत्यंत तीव्र बारिश हो सकती है। राज्य के शेष जिलों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश तथा गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।
भूस्खलन और जलभराव का खतरा
लगातार बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने, मलबा आने और नदी-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी का खतरा बना रह सकता है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और गदेरों के आसपास न जाने तथा आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर अगले पांच दिन उत्तराखंड में बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।






