नई दिल्ली:
भारत और ब्रिटेन के बीच रक्षा सहयोग के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया है। यूनाइटेड किंगडम के कैरीयर स्ट्राइक ग्रुप (CSG), जिसकी अगुवाई HMS प्रिंस ऑफ वेल्स कर रहा है, ने रविवार को भारतीय नौसेना के साथ पश्चिमी हिंद महासागर में द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास ‘एक्सरसाइज कोंकण-25’ (Exercise Konkan-25) की शुरुआत की।
चार दिनों तक चलने वाला यह ऐतिहासिक समुद्री युद्धाभ्यास दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच साझा समुद्री और वायु क्षमताओं को मजबूत करने पर केंद्रित है।
इस बार की कवायद इसलिए भी खास है क्योंकि पहली बार दोनों देशों के फ्लैगशिप एयरक्राफ्ट कैरियर्स – भारत का INS विक्रांत और ब्रिटेन का HMS प्रिंस ऑफ वेल्स – एक साथ अभ्यास में शामिल हुए हैं। यह भारत-यूके की बढ़ती रणनीतिक साझेदारी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आपसी विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है।
एक्सरसाइज कोंकण की शुरुआत वर्ष 2004 में हुई थी और यह आमतौर पर द्विवार्षिक अभ्यास है। लेकिन इस बार का संस्करण ऐतिहासिक है क्योंकि इसमें पहली बार दोनों देशों के कैरीयर स्ट्राइक ग्रुप शामिल हुए हैं।
रक्षा सूत्रों के अनुसार, अभ्यास के दौरान क्रॉस-डेक ऑपरेशन, एंटी-सबमरीन वारफेयर और सामरिक युद्धाभ्यास (टैक्टिकल मैन्युवर्स) जैसे कई उच्चस्तरीय प्रशिक्षण अभ्यास किए जा रहे हैं, जिनसे दोनों नौसेनाओं की संचालनिक तैयारी और समुद्री सुरक्षा सहयोग और सशक्त होगा।






