देहरादून, 14 नवम्बर 2025
भारत सरकार की युवा आपदा योजना के तहत जनपद चमोली के 50 एनसीसी कैडेट्स को 14 से 20 नवंबर तक ओल्ड बुचडी गढ़ी कैंट में आपदा प्रबंधन का महत्वपूर्ण प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ शुक्रवार को आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग उत्तराखंड के सचिव और जिलाधिकारी के निर्देशन में किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान इन एनसीसी कैडेट्स को आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर गहन जानकारी दी जाएगी। इसमें भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, सूखा, केमिकल, न्यूक्लियर, बायोलॉजिकल, और रेडियोलॉजिकल डिजास्टर की जानकारियां, साथ ही फर्स्ट एड, स्ट्रेचर का उपयोग, नदियों को पार करने के तरीके, जंगल की आग का प्रबंध, आग बुझाना, और आपातकालीन बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। इसके अलावा, कैडेट्स को रस्सी की गांठे बांधना, गहरी खाइयों में चढ़ना-उतरना, और सैटेलाइट फोन का उपयोग करने जैसी तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य एनसीसी कैडेट्स को आपदा के समय पहले रिस्पॉन्डर के रूप में तैयार करना है ताकि वे त्वरित और प्रभावी राहत कार्यों में अपना योगदान दे सकें।
प्रशिक्षण के पहले दिन की शुरुआत आपदा प्रबंधन मास्टर ट्रेनर राजू शाही, सुशील सिंह कैन्तुरा, और किशन राजगुरु के नेतृत्व में हुई, जबकि एनडीआरएफ के भास्कर मेहंदी और अमित कुमार गुप्ता भी प्रशिक्षण में शामिल रहे। इस अवसर पर एनसीसी के कर्नल राजेश रावत, सूबेदार समर सिंह, सूबेदार जगदीश सिंह, और जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण देहरादून के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार भी मौजूद रहे।
इस पहल से उत्तराखंड के युवा आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सक्षम और प्रशिक्षित बनेंगे, जिससे राज्य में किसी भी आपदा के दौरान त्वरित और सटीक बचाव कार्य किए जा सकेंगे।






