देहरादून, 18 नवम्बर 2025। पिता की अचानक हुई मृत्यु के बाद जब शिक्षा और घर बचाने का संकट दो बहनों—चित्रा और हेतल—पर एक साथ टूट पड़ा, तब उनकी पुकार सीधे जिलाधिकारी सविन बंसल तक पहुंची। बहनों की दर्दभरी कहानी सुनकर DM बंसल ने न केवल तत्काल मदद की घोषणा की, बल्कि चित्रा का उसी दिन प्रतिष्ठित निजी संस्थान में बी–कॉम ऑनर्स में दाख़िला भी सुनिश्चित करा दिया।
यही नहीं—चित्रा की पूरी पढ़ाई, किताबें और रोज़ाना आवाजाही का पूरा खर्चा अब ज़िला प्रशासन और संस्थान संयुक्त रूप से वहन करेंगे। DM ने इसके लिए अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश जारी किए।
बहनों ने बताया कि उनके दिवंगत पिता बैंक का ऋण चुका नहीं पाए और बीमारी के कारण 23 अक्टूबर 2025 को उनका निधन हो गया। इसके बाद बैंक घर कब्जे में लेने का दबाव बना रहा था। भयभीत चित्रा और हेतल ने DM से अपने घर और भविष्य दोनों को बचाने की गुहार लगाई।
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी न्याय एवं LDM को ऋण से जुड़े बीमा और राहत की संभावनाओं पर तुरंत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। DM ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही ऋण माफी की दिशा में ठोस समाधान किया जाएगा।
देहरादून जिला प्रशासन की नई कार्यशैली—त्वरित एक्शन, त्वरित समाधान और प्रत्यक्ष मॉनिटरिंग—ने आम जनता को नई उम्मीद दी है। शिकायतों के निस्तारण में तेजी और LMS पोर्टल के माध्यम से DM की सीधी मॉनिटरिंग ने जनमानस का भरोसा प्रशासन पर और मज़बूत किया है।






