देहरादून: संविधान दिवस 2025 के अवसर पर अभियोजन विभाग उत्तराखंड द्वारा पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित भव्य कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि सचिव गृह शैलेश बगौली, डीजीपी दीपम सेठ, निदेशक अभियोजन ए.पी. अंशुमन, और विधायक विनोद चमोली सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया और उपस्थित अधिकारियों एवं अन्य अतिथियों को संविधान दिवस की शपथ दिलाई गई। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि उपनिवेशिक कानूनों से आज के नए कानून तक की यात्रा न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ और सार्थक बनाने का प्रयास है। उन्होंने अभियोजन विभाग की भूमिका को पीड़ितों तक न्याय पहुँचाने में महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए सराहा। इस अवसर पर उत्तराखंड अभियोजन पत्रिका का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में उपनिवेश कालीन कानूनों, साइबर अपराध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नकली दवाओं के व्यापार और अंतरराज्यीय सहयोग जैसे विषयों पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस सत्र में विभिन्न विधि अधिकारियों, ड्रग कंट्रोलर और एक्सपर्ट मौजूद रहे। विजेताओं को जिला एवं सत्र न्यायाधीश पी.एस. खिमाल और आई.जी. प्रशिक्षण आनंद शंकर ताकवाले द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए।
तीसरे सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘ताल तरंग’ आयोजित किया गया, जिसमें अभियोजन विभाग और राज्य के विभिन्न जिलों के अधिकारियों द्वारा कुमाऊनी और गढ़वाली गीत व नृत्य प्रस्तुत किए गए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिलाधिकारी सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय और कॉलेज के छात्र-छात्राएं, बार एसोसिएशन के अधिवक्ता, तथा विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी भी शामिल हुए।
इस भव्य आयोजन ने संविधान के महत्व को रेखांकित करते हुए उत्तराखंड में न्याय, कानून और संस्कृति के समन्वय को और मजबूती प्रदान की।






