देहरादून: राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने मुख्य कोषागार देहरादून में पेंशन जागरूकता एवं निःशुल्क चिकित्सा शिविर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारी पेंशनरों और 100 वर्षीय श्रीमती प्रेमवती डोभाल को सम्मानित किया गया। शिविर में पेंशनरों को डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट, साइबर सुरक्षा, आयकर अधिनियम और चिकित्सा प्रतिपूर्ति से संबंधित जानकारी प्रदान की गई।\

डीएम ने कोषागार में पेंशनरों की सुविधा हेतु 25 लाख की लागत से नवनिर्मित ‘आरोहण’ सभागार का भी लोकार्पण किया। इसके साथ ही मुख्य कोषागार कार्यालय को 10 नए कम्प्यूटर देने की स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे तकनीकी सुविधाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी। जिलाधिकारी ने कहा कि पेंशनरों को उनके अधिकार सम्मान और सरल प्रक्रिया के साथ मिलना चाहिए और कोषागार को उनके लिए सुविधाजनक, स्वच्छ और डिजिटल रूप से सक्षम बनाया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि पेंशनर जागरूकता शिविरों को जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में भी आयोजित किया जाएगा, ताकि हर पेंशनर तक जानकारी और सुविधा पहुंच सके। मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी ने कहा कि जिलाधिकारी की प्रेरणा से फेसिलिटेशन हॉल, दिव्यांगजन व महिलाओं के लिए शौचालय, पार्किंग शेड और आरोहण सभागार का निर्माण कर पेंशनरों के अनुभव को बेहतर बनाया गया है।
शिविर में पेंशनरों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच के साथ दवा वितरण भी किया गया। कोषागार देहरादून में वर्तमान में लगभग 21,000 पेंशनर पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए पेंशनरों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिससे वे घर बैठे ही अपने प्रमाण पत्र जमा करा सकेंगे।
शिविर में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी, सेवानिवृत्त सीटीओ पीसी खर्रे, पेंशन यूनियन संघ के अध्यक्ष ओमवीर सिंह और कोषागार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित बड़ी संख्या में पेंशनर उपस्थित रहे।






