देहरादून: गोवा में आयोजित 56वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) 2025 के तहत हुए आईएफएफआई वेव्स फिल्म बाजार में उत्तराखंड पवेलियन ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। 20 से 24 नवंबर तक चलने वाले इस फिल्म बाजार में देश-विदेश के फिल्म निर्माता और निर्देशक उत्तराखंड में शूटिंग की संभावनाओं के प्रति गहरी रुचि दिखाते हुए राज्य की फिल्म नीति की सराहना की।
उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय ने बताया कि पवेलियन में बंगाली, तमिल, मलयालम, गुजराती, मराठी सहित विभिन्न भाषाओं के फिल्म निर्माता राज्य में शूटिंग के लिए उत्सुक दिखाई दिए। कई विदेशी फिल्म निर्माता और निर्देशकों ने भी उत्तराखंड में शूटिंग करने की सहमति जताई। इसके साथ ही, आगामी वर्ष 2026 में होने वाली नंदादेवी राजजात यात्रा के बारे में फिल्म निर्माताओं को जानकारी दी गई, जिससे कई विदेशी निर्देशक वहां डॉक्यूमेंट्री शूटिंग के लिए उत्साहित हुए।
पवेलियन में ऑस्ट्रेलियन फिल्म मेकर सुवीं ग्राहम ने घोषणा की कि वे अगले फरवरी में शूटिंग लोकेशन देखने उत्तराखंड आएंगी। इसके अलावा फिल्म आर्ट हांगकांग, फिनलैंड वेगा, रूस, स्टेट सिनेमा सेंटर-किर्गिज़स्तान, जेट्रो-जापान, न्यूजीलैंड फिल्म कमीशन और जीरो ग्रेविटी पिक्चर्स के प्रतिनिधियों ने राज्य की फिल्म नीति की जानकारी ली और इसकी सराहना की। अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माता अरफ़ी लांबा ने भी कहा कि उनकी कंपनी विदेशी फिल्म निर्माताओं को उत्तराखंड लाने के प्रयास करेगी।
सूचना मंत्रालय, भारत सरकार के डायरेक्टर फिल्म्स श्री राजेश कुमार शर्मा और उनकी टीम ने भी पवेलियन का दौरा कर राज्य सरकार की फिल्म नीति की प्रशंसा की। डॉ. उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के चलते उत्तराखंड की फिल्म नीति अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही है।
उत्तराखंड पवेलियन की सफलता ने यह साबित कर दिया कि राज्य न केवल प्राकृतिक सुंदरता के लिए, बल्कि फिल्म निर्माताओं के लिए भी एक आदर्श लोकेशन बन चुका है।






