देहरादून में जल जीवन मिशन और जिला जल-स्वच्छता मिशन (DWSM) की प्रगति पर मंगलवार को एक अहम समीक्षा बैठक हुई, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह पूरी सख्ती के साथ अधिकारियों के सामने उतरे। विकास भवन सभागार में हुई इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि परियोजनाओं में देरी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी और हर ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सीडीओ ने निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का 80% से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है, उन्हें तुरंत प्राथमिकता पर समाप्त किया जाए। साथ ही थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन अनिवार्य रूप से करवाकर उसकी रिपोर्ट पोर्टल पर ऑनलाइन अपडेट करने को कहा। जिन गांवों में विवाद के कारण काम रुका है, वहां के प्रधान से व्यक्तिगत वार्ता कर समस्याओं को तत्काल सुलझाने के निर्देश भी दिए।
हर घर जल सर्टिफिकेशन में तेजी – नल जल मित्र होंगे गेम चेंजर
सीडीओ शाह ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में नल जल मित्र की नियुक्ति और प्रशिक्षण शीघ्र पूरा करें। उन्हें जल गुणवत्ता परीक्षण किट का नियमित उपयोग सिखाया जाए, ताकि गांवों में पानी की गुणवत्ता की निगरानी निरंतर हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि नल जल मित्रों को समुदाय आधारित प्रोत्साहन राशि दी जाए और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के साथ मजबूत समन्वय स्थापित किया जाए।
उन्होंने शिक्षा विभाग और डीपीआरओ को निर्देशित किया कि ऐसे विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र व पंचायत भवन, जहां अभी तक पेयजल कनेक्शन नहीं हैं, उनकी सूची तुरन्त उपलब्ध कराई जाए।
जिले की प्रगति रिपोर्ट चौंकाने वाली
नोडल अधिकारी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार—
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कुल 760 योजनाएँ
✔ 734 पूर्ण
✔ 26 पर कार्य जारी, जिनमें कई विवादग्रस्त गांव शामिल -
हर घर जल सर्टिफिकेशन
✔ 628 में से 578 गांवों में पूरा
✔ 50 गांवों में सर्टिफिकेशन बाकी
सीडीओ ने साफ चेतावनी दी—“अब किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं चलेगी। जो परियोजना जहां अटकी है, उसे तत्काल गति दी जाए।”
बैठक में जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, नामित सदस्य डॉ. विनोद प्रसाद, एसई पेयजल निगम निशा सिन्हा, एसीएफ अभिषेक मैठाणी, ईई राजेश निरवाल, डीपीआरओ मनोज नौटियाल, सीईओ वीके ढौडियाल, डीईओ प्रेमलाल भारती, सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






