देहरादून: राजधानी देहरादून में ट्रैफिक दबाव और सुगम कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल ने आशारोड़ी-झाझरा और रिस्पना-विंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना पर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। डीएम ने ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों को परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए सख्त निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के लिए नगर निगम और एमडीडीए को भूमि रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के आदेश दिए। इसके अलावा, एलिवेटेड कॉरिडोर सर्वेक्षण समिति को प्रभावित भूमि का विस्तृत विवरण तैयार करने और सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण हटाने का निर्देश भी दिया गया। डीएम ने कहा कि रिस्पना-विंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना माननीय मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल है और इसमें किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं होगी।
एनएच-7 आशारोड़ी-झाझरा परियोजना में ग्रामीणों के विरोध और वन भूमि की समस्या का शीघ्र निस्तारण करने के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर समस्या सुलझाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क सुधार और अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस और प्रशासन के सहयोग से त्वरित कार्रवाई करने का भी आदेश दिया।
बैठक में लोनिवि ने परियोजना की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिस्पना एलिवेटेड कॉरिडोर की लंबाई 10.365 किमी और बिंदाल कॉरिडोर की लंबाई 14.264 किमी है। कुल प्रभावित भूमि में सरकारी, निजी, वन और रक्षा संपदा शामिल हैं, साथ ही 1022 और 1656 संरचनाओं का आंकड़ा भी सामने आया।
बैठक में एसएलएओ स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम सदर हरिगिरि, एसडीएम विनोद कुमार, उप नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, एनएचएआई के आरडी विशाल गुप्ता, एसई लोनिवि ओपी सिंह समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।






