नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और नैनीताल-उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र से सांसद अजय भट्ट ने आज लोकसभा सत्र में उत्तराखंड में जल जीवन मिशन के बजट जारी न होने को लेकर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से सवाल किया। सांसद भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है और यहां वर्ष में केवल 4-5 महीने ही कार्य करने के लिए उपयुक्त रहते हैं। बावजूद इसके जल जीवन मिशन की प्रगति संतोषजनक है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि शेष बजट का तत्काल आवंटन किया जाए और बजट न मिलने का कारण स्पष्ट किया जाए।
जवाब में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने बताया कि उत्तराखंड के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में बजट जारी करने के लिए विभाग को दो प्रस्ताव भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक देश के 15 करोड़ घरों तक स्वच्छ पानी पहुँचाया जा चुका है, और कई राज्यों में मिली गड़बड़ियों की शिकायतों के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 119 टीमों के माध्यम से व्यापक सर्वे कराए गए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लिए जल जीवन मिशन का बजट 90:10 अनुपात में उपलब्ध कराया जाता है। इस वर्ष का बजट भी केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद जल्द जारी होगा। उन्होंने अवगत कराया कि 2019-20 से 2023-24 तक जल जीवन मिशन के लिए 2086.52 करोड़ रुपये केंद्रीय निधि के रूप में मंजूर किए गए थे, जिसमें लगभग पूरी राशि का उपयोग हो चुका है। वर्तमान में राज्य को 5193.75 करोड़ रुपये केंद्रीय योगदान मिला है, जबकि राज्य सरकार द्वारा 1260.68 करोड़ रुपये का योगदान दिया गया है।
सांसद अजय भट्ट के सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अस्वीकार्य बजट को हटाकर भी 3289 करोड़ रुपये राज्य को केंद्रीय सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के लिए जारी किए जाने हैं। इस पर सांसद ने केंद्र से शीघ्र और स्पष्ट कार्रवाई करने की मांग दोहराई।






