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गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगी उत्तराखंड के 25 वर्षों की प्रगति, ‘रजत जयंती’ थीम पर सूचना विभाग की झांकी तैयार

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गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगी उत्तराखंड के 25 वर्षों की प्रगति, ‘रजत जयंती’ थीम पर सूचना विभाग की झांकी तैयार

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  • देहरादून परेड ग्राउंड में दिखेगी देवभूमि की भव्यता, शीतकालीन चारधाम और विकास यात्रा होगी मुख्य आकर्षण

देहरादून: उत्तराखंड राज्य अपनी स्थापना के 25वें वर्ष (रजत जयंती) का जश्न मना रहा है। इस गौरवशाली यात्रा की झलक इस बार देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में देखने को मिलेगी। सूचना विभाग द्वारा तैयार की जा रही विशेष झांकी न केवल प्रदेश की विकास यात्रा को दर्शाएगी, बल्कि ‘शीतकालीन पर्यटन’ और ‘आयुर्वेद’ जैसे उभरते क्षेत्रों को भी जीवंत रूप में पेश करेगी। पिछले दो वर्षों (2024 और 2025) से प्रथम पुरस्कार जीत रही सूचना विभाग की झांकी इस बार भी आकर्षण का केंद्र बनने जा रही है।

शीतकालीन चारधाम यात्रा और धार्मिक पर्यटन पर फोकस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप इस वर्ष झांकी का मुख्य विषय ‘रजत जयंती एवं शीतकालीन धार्मिक यात्रा व पर्यटन’ रखा गया है। झांकी के सबसे ऊपरी और अग्रिम हिस्से में मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल ‘मुखवा स्थित गंगा मंदिर’ को दर्शाया गया है। वहीं, झांकी के पिछले हिस्से में मां यमुना के शीतकालीन धाम ‘खरसाली स्थित यमुना मंदिर’ की पौराणिक मान्यताओं और आध्यात्मिक वातावरण को उकेरा गया है।

25 वर्षों की विकास यात्रा और आधुनिक कानून

झांकी के अग्रिम केबिन को उत्तराखंड के गठन से अब तक के 25 गौरवशाली वर्षों को समर्पित किया गया है। इसमें राज्य की सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ निरंतर होती प्रगति को प्रतीकात्मक रूप में दिखाया गया है। झांकी के अंतिम छोर पर ‘उठते हुए स्तंभ’ राज्य के सतत विकास को प्रदर्शित करेंगे। साथ ही, राज्य में लागू किए गए नए कड़े कानूनों को भी झांकी के पार्श्व भाग में जगह दी गई है, जो सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

आत्मनिर्भर उत्तराखंड की तस्वीर

झांकी के ट्रेलर हिस्से में उत्तराखंड की प्राचीन चिकित्सा पद्धति और औषधीय पौधों को दर्शाते हुए राज्य को ‘आयुर्वेद के अग्रणी राज्य’ के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसके अलावा, राज्य की सफल ‘होम-स्टे योजना’ का भी प्रदर्शन किया गया है, जो स्थानीय रोजगार और सतत पर्यटन का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी है।

ऐंपण कला से सजी झांकी और हैट्रिक की तैयारी

झांकी की सुंदरता बढ़ाने के लिए उत्तराखंड की पारंपरिक ‘ऐंपण लोक कला’ का उपयोग किया गया है। सूचना विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी के अनुसार, संयुक्त निदेशक एवं नोडल अधिकारी के.एस. चौहान की देखरेख में निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। उल्लेखनीय है कि सूचना विभाग पिछले 15 वर्षों से परेड ग्राउंड में झांकी प्रस्तुत कर रहा है और इस वर्ष भी अपनी विशिष्टता के साथ पुरस्कारों की हैट्रिक लगाने की तैयारी में है।

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