Uttarakhand

धर्म और संस्कृति का संगम : ज्योतिर्मठ में आज से रामलीला महायज्ञ का भव्य शंखनाद

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धर्म और संस्कृति का संगम : ज्योतिर्मठ में आज से रामलीला महायज्ञ का भव्य शंखनाद

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​ज्योतिर्मठ । सीमांत क्षेत्र की सुख-समृद्धि और विश्व प्रसिद्ध भगवान श्री बद्रीनाथ जी की आगामी यात्रा के सफल संचालन की मंगलकामना के साथ आज से ज्योतिर्मठ में आध्यात्मिक चेतना का संचार होने जा रहा है। नृसिंह नवदुर्गा सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित होने वाला ऐतिहासिक रामलीला महायज्ञ आज, 20 मार्च 2026 (द्वितीय नवरात्र) से गांधी मैदान स्थित भव्य मंच पर पूरे विधि-विधान के साथ शुरू होगा। वर्षों से चली आ रही इस गौरवशाली परंपरा को जीवंत रखते हुए समिति ने इस वर्ष के आयोजन को अभूतपूर्व बनाने के लिए अपनी सभी तैयारियां युद्ध स्तर पर पूरी कर ली हैं।

​समिति के अध्यक्ष और बद्रीनाथ धाम के पूर्व धर्म अधिकारी श्री भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि इस पुनीत अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य भगवान बद्री विशाल के कपाट खुलने से पूर्व क्षेत्र में खुशहाली लाना और देश-दुनिया से आने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षित व सुगम यात्रा के लिए प्रार्थना करना है। आयोजन के पहले दिन जहां ‘राम जन्म’ के भव्य प्रसंग का मंचन किया जाएगा, वहीं रावण, कुंभकरण और विभीषण द्वारा ब्रह्मा जी से वरदान मांगने के दृश्यों का सजीव चित्रण दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेगा। गांधी मैदान में बने इस विशाल मंच पर स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रभु राम के जीवन आदर्शों और उनकी प्रेरक झांकियों को जनता के सम्मुख प्रस्तुत किया जाएगा।

​समिति द्वारा इस महोत्सव को भव्य स्वरूप देने के लिए क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों और गणमान्य व्यक्तियों को विशेष निमंत्रण पत्र भेजे गए हैं। साथ ही, अतिथियों के गरिमापूर्ण सत्कार के लिए एक ‘स्वागत समिति’ का भी गठन किया गया है। “दक्षिणे लक्ष्मणोर्यस्य वामे तु जनकात्मजा। पुरतो मारुतिर्यस्य तं वन्दे रघुनन्दनम्॥” के पावन उद्घोष के साथ शुरू होने वाले इस सांस्कृतिक महोत्सव को लेकर स्थानीय जनता में भारी उत्साह है। नृसिंह नवदुर्गा सेवा समिति ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से भारी संख्या में पधारकर इस आध्यात्मिक महाकुंभ की शोभा बढ़ाने और प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करने की भावपूर्ण अपील की है।

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