Uttarakhand

देहरादून में DM सविन बंसल की ज़बरदस्त फटकार! ग्रीन बिल्डिंग प्रोजेक्ट की धीमी रफ्तार पर साधी कड़ी नाराजगी — “मुख्यमंत्री का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट, किसी भी हाल में जून 2026 तक पूरा हो!”

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देहरादून में DM सविन बंसल की ज़बरदस्त फटकार! ग्रीन बिल्डिंग प्रोजेक्ट की धीमी रफ्तार पर साधी कड़ी नाराजगी — “मुख्यमंत्री का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट, किसी भी हाल में जून 2026 तक पूरा हो!”

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देहरादून में हरिद्वार रोड स्थित स्मार्ट सिटी लिमिटेड परियोजना के अंतर्गत बन रही ग्रीन बिल्डिंग का जिलाधिकारी सविन बंसल ने बुधवार को औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की धीमी गति देखकर डीएम भड़क उठे और कार्यदायी संस्था सीपीडब्ल्यूडी को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री और राज्य सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है—और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डीएम ने स्पष्ट आदेश दिया कि ग्रीन बिल्डिंग का पूरा काम जून 2026 तक हर हाल में पूरा होना चाहिए, अन्यथा विभागीय कार्रवाई तय है।

 डीएम की कड़ी फटकार: 300 मजदूर चाहिए थे, मिले सिर्फ 140 – तुरंत बढ़ाई जाए लेबर!

निरीक्षण के दौरान डीएम बंसल ने श्रमिक संख्या पूछी, जिस पर अधिकारियों ने बताया कि साइट पर केवल 140 लेबर काम कर रहे हैं, जबकि आवश्यकता 300 की है।
इस पर नाराज डीएम ने तत्काल लेबर बढ़ाने, और 3 शिफ्टों में काम आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना निर्धारित समय में पूरी हो सके।

“काम में अनावश्यक देरी” — 6 महीनों में दिखे तेज़ रिज़ल्ट!

डीएम ने पाया कि कार्य में स्पष्ट रूप से अनावश्यक देरी हो रही है। इसी को देखते हुए उन्होंने 6 महीने के अंदर तेज़ प्रगति के ठोस परिणाम प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी—
“समयसीमा का पालन न होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

 उच्च गुणवत्ता, पर्यावरण अनुकूल तकनीक और 100% सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य

डीएम बंसल ने निर्देश दिया कि ग्रीन बिल्डिंग में
✔ पर्यावरण अनुकूल तकनीक
✔ उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री
✔ सुरक्षा मानकों
का पूरी तरह पालन किया जाए।

निर्माण स्थल की सभी सुविधाओं, सामग्री, मशीनरी और कार्यगति का उन्होंने विस्तृत निरीक्षण किया।

हर हफ्ते थर्ड-पार्टी क्वालिटी रिपोर्ट और पर्ट चार्ट अनिवार्य

डीएम ने आदेश दिया कि परियोजना की

  • साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट

  • थर्ड पार्टी क्वालिटी टेस्ट रिपोर्ट

  • लेबर प्लान, मटीरियल प्लान, प्रोजेक्ट रिपोर्ट
    नियमित रूप से प्रस्तुत की जाए।

साथ ही PERT Chart (Program Evaluation & Review Technique) तैयार करने के भी निर्देश दिए, ताकि प्रोजेक्ट की रफ्तार और हर स्टेज की समयसीमा स्पष्ट हो।

मुख्य अभियंता ने बताया कि 90% मटीरियल टेस्टिंग साइट पर मौजूद लैब में की जाती है और 10% बाहरी लैब में।

निरीक्षण में अपर मुख्यकार्यकारी अधिकारी तीरथपाल सिंह, मुख्य अभियंता सीपीडब्ल्यूडी कृष्णा चमोला सहित स्मार्ट सिटी और सीपीडब्ल्यूडी के कई अधिकारी मौजूद रहे।

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