मदुरै, 20 सितंबर 2025:
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि 22 सितंबर 2025 से लागू होने वाले GST सुधारों के बाद करीब ₹2 लाख करोड़ सीधे जनता के हाथ में आएंगे, जिससे घरेलू खपत को मजबूती मिलेगी।
मदुरै में तमिलनाडु फूडग्रेन्स मर्चेंट्स एसोसिएशन की 80वीं वर्षगांठ समारोह में बोलते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि GST के चार स्लैब को घटाकर दो स्लैब संरचना करने से गरीब, मध्यम वर्ग और MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) को अधिक लाभ होगा।
वित्त मंत्री ने कहा,
“GST सुधारों के कारण घरेलू बाजार में खपत बढ़ेगी। वित्त मंत्रालय यह ₹2 लाख करोड़ कर के रूप में नहीं लेगा, बल्कि यह अर्थव्यवस्था में वापिस जाएगा और घरेलू खपत को बढ़ावा देगा।”
सीतारमण ने समझाया कि दो-स्लैब संरचना से उत्पाद की कीमत घटेगी, जिससे उत्पादन बढ़ेगा, रोजगार सृजन होगा और अप्रत्यक्ष कर के रूप में सरकार को राजस्व मिलेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अधिक उत्पादन के लिए अधिक लोग काम करेंगे और जब लोगों की आय बढ़ेगी, कर आधार भी विस्तारित होगा।
उन्होंने GST लागू होने से पहले 65 लाख उद्यमियों के कर देने वालों की संख्या को वर्तमान में 1.5 करोड़ तक बढ़ने का जिक्र करते हुए कहा कि इसका अर्थ यह है कि GST ने कर आधार को मजबूत किया है।
वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की यह नीति भी रेखांकित की कि GST सुधारों का लाभ गरीब, मध्यम वर्ग और MSMEs को अधिक से अधिक पहुंचे।
सीतारमण ने राजनीतिक आलोचनाओं का भी जवाब दिया और कहा कि यह “GST 2.0” सुधार किसी तरह का अतिरिक्त कर या छलावा नहीं है, बल्कि संरचना को सरल और सभी हितधारकों के लिए लाभकारी बनाने के लिए है।






