नैनीताल, 11 नवम्बर 2025।
उत्तराखण्ड न्याय व्यवस्था के इतिहास में आज का दिन स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो गया। उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने अपनी रजत जयंती (Silver Jubilee) समारोह का भव्य शुभारंभ किया — यह आयोजन न्यायपालिका की 25 वर्षों की निष्ठापूर्ण सेवा, न्याय के प्रति प्रतिबद्धता और जनसरोकारों के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री गुहानाथन नरेन्दर ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का औपचारिक उद्घाटन किया। उनके साथ माननीय न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी, रवीन्द्र मैठाणी, आलोक कुमार वर्मा, पंकज पुरोहित, आशीष नैथाणी, एवं सुभाष उपाध्याय सहित उच्च न्यायालय के सभी न्यायमूर्तिगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में महानिबंधक श्री योगेश कुमार गुप्ता, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री दुर्गा सिंह मेहता एवं न्यायिक परिवार के समस्त सदस्यगणों ने भाग लिया।
उद्घाटन के बाद न्यायमूर्तियों ने एक मैत्रीपूर्ण टेबल टेनिस युगल मैच खेलकर समारोह की नई ऊर्जा का आगाज़ किया। इस दौरान टेबल टेनिस, बैडमिंटन, कैरम और शतरंज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच सौहार्द और एकता को बढ़ावा देना था।
रजत जयंती समारोह के अंतर्गत आगामी कार्यक्रमों में शामिल हैं:
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रक्तदान शिविर, समाजसेवा की भावना को सशक्त करने हेतु।
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मंगोली (नैनीताल) में पर्यावरण संरक्षण को समर्पित पौधारोपण अभियान।
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छात्रों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता, रचनात्मकता और विधिक जागरूकता के प्रसार हेतु।
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और अंत में, न्यायालय की गौरवशाली यात्रा को समर्पित सांस्कृतिक संध्या, जो उत्तराखण्ड न्यायपालिका की एकता, परंपरा और प्रतिभा का उत्सव होगी।
रजत जयंती वर्ष न केवल न्यायालय की पिछली उपलब्धियों का स्मरण है, बल्कि यह न्याय, पारदर्शिता और नागरिकों के प्रति उत्तरदायित्व की नई प्रतिबद्धता का भी प्रतीक बनेगा।






