ऋषिकेश। उत्तराखण्ड विकास पार्टी ने गैस संकट के बीच कहा कि व्यवसायीकरण और औद्योगिकरण की आड में भारत मूलभूत सुविधाओं के मामले में आत्मनिर्भर होने की बजाय विदेश निर्भर होता जा रहा है और इस खतरनाक प्रवृति को रोकना बेहद जरूरी है।
उत्तराखण्ड विकास पार्टी के उपाध्यक्ष पूरण सिंह भंडारी ने कहा कि वर्तमान गैस संकट इसलिए उत्पन्न हुआ है क्योंकि हमने ग्रामीण भारत के विकास की बजाय पश्चिमी देशों के शहरीकरण को विकास का पर्याय मान लिया है। भंडारी ने कहा कि भारत देश दुनिया के समाज संस्कृति से बेहद अलग है और भारत की आत्मा आज भी गाँव देहातों में बस्ती है, ऐसे में शहरीकरण को बढ़ावा देने की बजाय ग्रामीण उत्पादों का आधुनिकरण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गोबर की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता न केवल ग्रामीण क्षेत्रों की वरन शहरी क्षेत्रों की गैस की कमी को पूरा कर सकती है, मगर मोदी सरकार ने गोबर गैस उत्पादन को वैकल्पिक ऊर्जा के रूप में रखा है जिससे इस क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है।
पूरण सिंह भंडारी ने कहा है कि अंबानी को अमेरिका में निवेश करने की बजाय भारत में गोबर गैस प्लांट लगाने में निवेश करना चाहिए था इससे देश आत्मनिर्भर भी होता और आम लोगों को खाड़ी के देशों की अस्थिरता से परेशान होने से निजात भी मिल सकती थी।
उन्होंने कहा कि गौ वंश को बचाये रखने का आधुनिक मंत्र ही गोबर गैस प्लांट है जो न केवल गैस से ऊर्जा व बिजली बना रहा है वरन प्रसंस्करित ऑर्गेनिक खाद भी उपलब्ध कराता है जिसकी देश विदेश में बहुत मांग है।






