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देहरादून में कुदरत का कहर: अतिवृष्टि से भारी तबाही, पीडीएनए टीम ने किया जमीनी नुकसान का आकलन

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देहरादून में कुदरत का कहर: अतिवृष्टि से भारी तबाही, पीडीएनए टीम ने किया जमीनी नुकसान का आकलन

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देहरादून, 27 सितंबर 2025 :
देहरादून जनपद में इस बार का मानसून तबाही की कहानियां लेकर आया। 15 और 16 सितंबर को हुई भारी बारिश और भूस्खलन के चलते जिले के कई हिस्सों में जीवन और संपत्ति को भारी क्षति हुई। इस आपदा के बाद राज्य सरकार और भारत सरकार की Post Disaster Needs Assessment (PDNA) टीम ने आपदा के प्रभाव और पुनर्निर्माण आवश्यकताओं का आकलन करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।


मंथन सभागार में हुई समीक्षा बैठक

अपर जिलाधिकारी (एफआर) केके मिश्रा की अध्यक्षता में वन विभाग के मंथन सभागार में आयोजित बैठक में पीडीएनए टीम ने विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली। बैठक में विशेषज्ञों ने बताया कि पीडीएनए कोई साधारण प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक समग्र और सहभागी मूल्यांकन प्रणाली है, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक पुनर्वास, सामाजिक-आर्थिक प्रभाव और अवसंरचना पुनर्निर्माण की योजना बनाना है।

टीम ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे सामाजिक, आर्थिक और अवसंरचनात्मक क्षति की रिपोर्ट पीडीएनए मानकों के अनुरूप निर्धारित फॉर्मेट में शीघ्र उपलब्ध कराएं, ताकि रिपोर्ट को अंतिम रूप देकर भारत सरकार को भेजा जा सके।


क्षति का आंकलन: आंकड़े जो चौंका देंगे

अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार:

  • 31 लोगों की मृत्यु, 3 लोग घायल, 1 व्यक्ति अब भी लापता

  • 38 पक्के मकान पूर्णतः नष्ट, 95 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त

  • 41 कच्चे मकान और 6 गौशालाएं बर्बाद

  • 217 विद्यालय और 38 आंगनबाड़ी केंद्रों को नुकसान

  • 7 स्वास्थ्य केंद्र, 11 पेयजल निगम योजनाएं, 38 जल संस्थान योजनाएं, 57 सिंचाई योजनाएं क्षतिग्रस्त

  • 182.71 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित (39 गांव)

  • लोनिवि के 150 मार्ग, 13 पुलिया, 4 कलवर्ट को नुकसान

  • पीएमजीएसवाई की 54 सड़कें, वन विभाग की 40 पुलिया क्षतिग्रस्त

अभी क्षति की कुल लागत का मूल्यांकन विभागीय स्तर पर किया जा रहा है।


स्थलीय निरीक्षण: पीडीएनए टीम पहुंची ग्राउंड ज़ीरो

• बैठक के बाद पीडीएनए टीम ने सहस्रधारा, कार्लीगाड, मज्याडा, मालदेवता, कुमाल्डा जैसे प्रमुख आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षणकिया। विशेषज्ञों ने स्थानीय हालातों का मूल्यांकन कर जमीनी साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की।

निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि किन क्षेत्रों में तत्काल पुनर्वास की आवश्यकता है।


टीम में मौजूद प्रमुख अधिकारी

इस निरीक्षण और बैठक के दौरान पीडीएनए विशेषज्ञ डॉ. अजय चौरसिया, डॉ. गुरप्रीत सिंह, डॉ. महेश शर्मा, डॉ. मोहित पुनिया, संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, उप जिलाधिकारी हरिगिरि, एसई जल संस्थान राजीव शैनी, एसई पीएमजीएसवाई अरुण नेगी, ईई लोनिवि राजेश कुमार, ईई यूपीसीएल राजेश कुमार, और सीईओ वीके ढौंडियाल समेत सभी प्रमुख विभागों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।


निष्कर्ष: राहत से पुनर्निर्माण तक की यात्रा

देहरादून में आई इस प्राकृतिक आपदा ने जहां जीवन को अस्त-व्यस्त किया, वहीं अब पीडीएनए की विस्तृत रिपोर्ट के माध्यम से पुनर्निर्माण की प्रक्रिया का श्रीगणेश हो चुका है। यह रिपोर्ट न केवल ढांचागत नुकसान की भरपाई में मदद करेगी, बल्कि आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और पर्यावरणीय पुनर्बहाली के लिए भी एक ठोस योजना प्रस्तुत करेगी।

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