नई दिल्ली: भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने संसद में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा के महत्व को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि ये पद्धतियाँ सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोगों की रोकथाम में भी अत्यंत प्रभावशाली हैं।
सांसद ने बताया कि जबकि स्वास्थ्य मंत्रालय का बजट ₹1,00,000 करोड़ है, आयुष मंत्रालय का बजट केवल ₹4,000 करोड़ के आसपास है, जो आयुर्वेद और अन्य स्वदेशी पद्धतियों के विकास में बाधक है।
सांसद बंसल ने सरकार से सात अहम कदम उठाने का आग्रह किया: आयुष्मान भारत योजना में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को शामिल करना, ड्रग एक्ट्स का सुधार कर यूनिफॉर्म हेल्थकेयर कोड लागू करना, आयुष स्टार्टअप्स और रिसर्च को प्रोत्साहन देना, बजट कम से कम 5 गुना बढ़ाना, मेडिकल कोर्स का पहला वर्ष समान करना, आयुष डॉक्टरों को X-ray, MRI और सर्जरी की अनुमति देना और कक्षा 10 तक आयुर्वेद व योग को अनिवार्य करना।
डॉ. बंसल ने कहा कि यह समय है कि भारत की स्वदेशी चिकित्सा विरासत को वह सम्मान और संसाधन मिले, जिसका वह हकदार है। उनका यह प्रयास देश में आयुष पद्धतियों को नई दिशा देने और युवाओं में स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने का संकेत है।






