देहरादून, 03 नवम्बर 2025 — उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं माननीय जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्री प्रेम सिंह खिमाल के निर्देशानुसार “सेफ ड्रग्स: सेफ लाइफ” अभियान के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की सचिव श्रीमती सीमा डुँगराकोटी ने ड्रग विभाग के साथ मिलकर पटेलनगर क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल स्टोरों पर संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान टीम में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक श्री मनेन्द्र सिंह राणा, श्री विनोद जगुड़ी एवं श्रीमती निधि रतूडी, औषधि निरीक्षक (ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, देहरादून)** शामिल रहे।
निरीक्षण में कई मेडिकल स्टोरों में फॉर्मासिस्ट की अनुपस्थिती, लाइसेंस में अनियमितताएं, एक्सपायर दवाइयों का गलत भंडारण, तापमान नियंत्रण में गड़बड़ी और नार्कोटिक दवाओं की अनियमित बिक्री जैसी गंभीर खामियां पाई गईं। टीम ने मौके पर ही दो मेडिकल स्टोरों को बंद करवाया, जबकि तीन के क्रय-विक्रय पर रोक लगाई गई।
ए-वन फॉर्मेसी (पश्चिम पटेलनगर) में फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिलीं और 10वीं पास व्यक्ति द्वारा स्टोर संचालन पर टीम ने नाराजगी जताई। फ्रीज के तापमान डिस्प्ले में भी गड़बड़ी पाई गई, जिसके चलते स्टोर तत्काल बंद कर दिया गया।
खालसा मेडिकल स्टोर में एक्सपायर दवाइयों का स्टोरेज मिला, जबकि एम.पी.एस. मेडिकोज़ में नार्कोटिक दवाइयों के विक्रय की पुष्टि हुई और बिलिंग रजिस्टर को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए।
राधे मेडिकोज़ में फॉर्मासिस्ट की अनुपस्थिती और अन्य गंभीर अनियमितताओं के चलते स्टोर को सील कर बंद किया गया। वहीं, सिमरन फॉर्मेसी और साई कृपा मेडिकोज़ में भी रजिस्टर्ड फार्मासिस्टों की अनुपस्थिती और लाइसेंस संबंधी गड़बड़ियों के कारण क्रय-विक्रय पर रोक लगाई गई।
निरीक्षण टीम ने सभी स्टोर संचालकों को स्पष्टीकरण शीघ्र ड्रग विभाग को देने के निर्देश दिए, साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह अभियान “सेफ ड्रग्स, सेफ लाइफ” के तहत जनस्वास्थ्य और दवा सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ है।






