देहरादून: विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन–2025 के अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने प्रतिभागियों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने आपदा प्रबंधन में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने “सिल्क्यारा विजय अभियान” का उदाहरण देते हुए बताया कि कठिन परिस्थितियों में सशक्त नेतृत्व, वैज्ञानिक दक्षता और मजबूत इच्छाशक्ति असंभव को भी संभव बना सकती है।
श्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की प्रगति को नई दिशा दी है। उन्होंने हिमालय के संरक्षण, पर्यावरणीय सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन से संबंधित रणनीतियों को अंतरराष्ट्रीय पटल पर रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। मंत्री ने बताया कि कोलिजन फॉर डिजास्टर रेसिलेन्स इंफ्रास्ट्रक्चर (CDRI) जैसी वैश्विक संस्था स्थापित कर भारत ने विश्व स्तर पर आपदा प्रबंधन में उत्कृष्ट योगदान दिया है।
केंद्रीय मंत्री ने सम्मेलन में यह भी कहा कि आपदा न्यूनीकरण, पूर्वानुमान और पूर्व-तैयारी में विज्ञान और तकनीक आधारित दृष्टिकोण अपनाना अनिवार्य है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्मेलन से निकलने वाले शोध, सुझाव और बहु-आपदा रणनीतियाँ न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगी।
श्री यादव ने कहा कि हिमालय भारत की सांस्कृतिक, पर्यावरणीय और जैव विविधता की धरोहर है और इसके संरक्षण के लिए वैश्विक सहयोग और ठोस रणनीति जरूरी है। उन्होंने प्रतिभागियों को आश्वस्त किया कि भारत की नेतृत्व क्षमता और वैश्विक स्तर पर सराहनीय पहल आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में और मजबूत भूमिका निभाएगी।






