देहरादून, 29 सितंबर 2025 – उत्तराखंड में हालिया आपदा के बाद राहत और पुनर्वास कार्यों को लेकर राज्य सरकार ने कमर कस ली है। सोमवार देर शाम ऋषिपर्णा सभागार में कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में मंत्री ने कहा कि “राज्य सरकार हर आपदा प्रभावित के साथ खड़ी है, और राहत कार्यों को प्राथमिकता पर पूरा किया जाएगा।”
मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नदी-नालों, प्राकृतिक ड्रेनेज और संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण तुरंत रोका जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य की आपदाओं से बचने के लिए एहतियाती कदम उठाना जरूरी है, और इसके लिए वनरेबल क्षेत्रों की पहचान कर ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।

बैठक में जिलाधिकारी सविन बंसल ने आपदा के नुकसान और राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 15 और 16 सितंबर को हुई अतिवृष्टि के कारण 31 लोगों की जान गई, 3 घायल हुए और 1 व्यक्ति अब भी लापता है। इसके अलावा, 95 पक्के भवन आंशिक और 38 पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि कई स्वास्थ्य केंद्र, पेयजल और सिंचाई योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाएं तुरंत बहाल की जाएं। साथ ही जनहानि, पशु हानि, फसल क्षति और भवन नुकसान की मुआवजा राशि का 100% वितरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने प्रशासन द्वारा की गई त्वरित राहत कार्रवाई की सराहना करते हुए, भविष्य में और बेहतर तैयारी पर जोर दिया।

इस समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, डीडीओ सुनील कुमार, डीआईओ अंकुश पांडेय समेत लोनिवि, पीएमजीएसवाई, विद्युत, सिंचाई, कृषि, उद्यान आदि विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।






