देहरादून में इस बार इतिहास रचा जाएगा — देवभूमि उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है, और इस रजत जयंती समारोहमें देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। राज्य के गौरव, संघर्ष और संस्कृति को एक मंच पर प्रदर्शित करने की यह भव्य तैयारियाँ अब अंतिम चरण में हैं।

राजधानी देहरादून में प्रस्तावित समारोह को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल ने सोमवार को अहम बैठक की और सभी व्यवस्थाओं को “चाक-चौबंद” करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि यह आयोजन उत्तराखंड के संघर्ष, संस्कृति और संकल्प का प्रतीक होगा — जहाँ राज्य के स्थापना संग्राम की झलक, लोक संस्कृति की झंकार, और विकास की नई दिशा एक साथ नजर आएगी।
बैठक में डीएम ने सभी मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए कि प्रोटोकॉल के अनुरूप राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री के रूट चार्ट की सभी व्यवस्थाएंसुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जोन को सेक्टर में विभाजित कर माइक्रो-लेवल पर जिम्मेदारी तय की जाए। सुरक्षा के दृष्टिगत एसएसपी देहरादून को सभी सेक्टरों में प्रभारी अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए गए, जबकि स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम तैनात रखने को कहा गया।
डीएम बंसल ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम स्थल पर वीआईपी, वीवीआईपी और आम जनता के लिए अलग-अलग बैठने, पेयजल, पार्किंग, जलपान, प्रवेश और निकास की बेहतरीन व्यवस्था हो। कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेगा, वहीं राजस्व उप निरीक्षक टीम भी हर समय निगरानी रखेगी।
उन्होंने लोनिवि इंजीनियरों को डिजाइन और लेआउट तैयार करने तथा सुरक्षा प्रमाणपत्र (Safety Certificate) प्राप्त करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से लोगों की भागीदारी होगी, इसलिए प्रत्येक जिले से समन्वय बनाते हुए बाहर से आने वाले नागरिकों की सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
बैठक में सीडीओ अभिनव शाह, एडीएम के.के. मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम हरिगिरी, और एसडीएम कुमकुम जोशी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
देवभूमि उत्तराखंड का यह रजत जयंती उत्सव न केवल बीते 25 वर्षों के संघर्ष और उपलब्धियों की कहानी कहेगा, बल्कि आने वाले वर्षों के नए संकल्पों की दिशा भी तय करेगा।






