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उफतारा सम्मान से नवाजे गए युवा कवि-पत्रकार दीपक कैंतुरा, लोकभाषा और संस्कृति संरक्षण में योगदान को मिली पहचान

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उफतारा सम्मान से नवाजे गए युवा कवि-पत्रकार दीपक कैंतुरा, लोकभाषा और संस्कृति संरक्षण में योगदान को मिली पहचान

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देहरादून। उत्तराखंड फिल्म टेलीविजन एवं रेडियो एसोसिएशन (उफतारा) की ओर से संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय उफतारा सम्मान एवं फिल्म फेस्टिवल के दूसरे दिन उत्तराखंड की फिल्म, लोक संस्कृति, साहित्य, पत्रकारिता और कला जगत की 100 विशिष्ट विभूतियों को सम्मानित किया गया। समारोह में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज मुख्य अतिथि रहे। विशिष्ट अतिथि कला संस्कृति परिषद के उपाध्यक्ष मधु भट्ट तथा उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी ने सम्मान पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर विभूतियों को सम्मानित किया।

सम्मानित होने वालों में युवा कवि, पत्रकार, लोकभाषा प्रहरी एवं मंच संचालक दीपक कैंतुरा को कला एवं संस्कृति संरक्षण में पत्रकारिता योगदान के लिए सम्मानित किया गया। दीपक कैंतुरा वर्तमान में नेटवर्क 10 न्यूज़, उत्तराखंड में सह संपादक के रूप में कार्यरत हैं और लंबे समय से उत्तराखंड की बोली, भाषा और संस्कृति के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

वर्ष 2015 में उन्होंने नेटवर्क 10 न्यूज़ पर गढ़वाली भाषा का विशेष कार्यक्रम शुरू किया, जिसके माध्यम से उत्तराखंड की संस्कृति, इतिहास और लोक परंपराओं को देश-विदेश तक पहुंचाया। इस श्रृंखला के 83 एपिसोड में उन्होंने गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी, पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, पद्मभूषण डॉ. अनिल जोशी, पद्मश्री डॉ. माधुरी बड़थ्वाल, लोक गायिकाओं रेशमा शाह और हेमा नेगी करासी सहित अनेक प्रमुख हस्तियों के साक्षात्कार और उत्तराखंड की विरासत से जुड़े विषयों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया।

पत्रकारिता के साथ-साथ दीपक कैंतुरा “रैबार पहाड़” के माध्यम से भी उत्तराखंड की लोकभाषा और सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल मंच पर नई पहचान दिला रहे हैं। वे पिछले लगभग 10 वर्षों से आकाशवाणी, दूरदर्शन और विभिन्न राष्ट्रीय मंचों पर काव्य पाठ करते आ रहे हैं। उनका काव्य संग्रह “उत्तराखंड के आंसू” प्रकाशित हो चुका है, जबकि उनकी गढ़वाली कविता “मोबाइल/टच वालू फोन” सोशल मीडिया पर 10 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच चुकी है।

दीपक कैंतुरा अपनी प्रभावशाली मंच संचालन शैली के लिए भी जाने जाते हैं और अनेक राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों का सफल संचालन कर चुके हैं। उनकी लेखनी, पत्रकारिता और सांस्कृतिक योगदान के लिए उन्हें समय-समय पर विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जाता रहा है।

उफतारा सम्मान समारोह में प्रदेश के फिल्म निर्माता, कलाकार, लोकगायक, साहित्यकार, पत्रकार और संस्कृति संरक्षण से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित लोगों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उफतारा के अध्यक्ष प्रदीप भंडारी ने प्रदेश में फिल्म उद्योग को और अधिक मजबूत बनाने तथा फिल्मकारों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।

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