- 35 से अधिक प्रभावित परिवार विस्थापन को तैयार, जिलाधिकारी ने तेज किए पुनर्वास प्रयास
- सुरक्षा कार्यों का निरीक्षण कर जिलाधिकारी ने दिए गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध कार्य के निर्देश
चमोली : जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मंगलवार को कर्णप्रयाग स्थित आपदा प्रभावित बहुगुणानगर एवं सुभाष नगर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावित भवनों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से संवाद कर विस्थापन, मुआवजा एवं पुनर्वास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की तथा उनकी शंकाओं का समाधान किया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि प्रभावित परिवारों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक कदम समयबद्ध ढंग से उठाए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी अलकेश नौड़ियाल ने बताया कि बहुगुणानगर क्षेत्र में कुल 38 परिवारों के 39 भवन प्रभावित हैं। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को निर्देश दिए कि विस्थापन से संबंधित सभी बिंदुओं की पूर्ण आख्या कल तक तैयार कर प्रस्तुत की जाए। उन्होंने बताया कि पूर्व में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा चार प्रभावित परिवारों को विस्थापन हेतु धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।
जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग द्वारा लगभग ₹50 करोड़ की लागत से संचालित सुरक्षा एवं उपचार कार्यों का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि लगभग दो माह पूर्व प्रारंभ हुए कार्यों के अंतर्गत माइक्रो पाइल, सेल्फ ड्रिलिंग एंकर, 6 मीटर ऊंची एवं लगभग 150 मीटर लंबी आरसीसी सुरक्षा दीवार, ओपन चैनल सहित विभिन्न सुरक्षात्मक कार्य किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में पूर्ण किए जाएं ताकि क्षेत्र को दीर्घकालिक सुरक्षा मिल सके।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लोगों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को क्षेत्र में बंद पड़े सभी स्क्रबर तत्काल खोलने तथा वर्षाजल निकासी व्यवस्था को प्रभावी एवं सुचारु बनाने के निर्देश भी दिए।
इससे पूर्व जिलाधिकारी ने तहसील सभागार, कर्णप्रयाग में बहुगुणानगर के सभी प्रभावित परिवारों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने प्रत्येक प्रभावित परिवार को उनके भवनों के मूल्यांकन के आधार पर प्रस्तावित मुआवजा राशि की जानकारी दी तथा स्वैच्छिक रूप से भूमि छोड़ने के संबंध में उनकी सहमति प्राप्त की। इस दौरान 35 से अधिक प्रभावितों ने विस्थापन के लिए सहमति व्यक्त की।
जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों के वर्तमान निवास स्थलों का भी सत्यापन कराया जाए तथा जिन परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की आवश्यकता हो, उनके लिए समुचित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण एवं बैठक के दौरान उपजिलाधिकारी अलकेश नौड़ियाल, नगर पालिका अध्यक्ष गणेश शाह, सहायक अभियंता सिंचाई खंड थराली सुभाष चंद्र, राष्ट्रीय राजमार्ग, सिंचाई, राजस्व विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रभावित परिवारों के लोग उपस्थित रहे।










