Uttarakhand

टीएचडीसी टनल हादसा : यूकेडी ने सुरक्षा पर उठाए सवाल

16
×

टीएचडीसी टनल हादसा : यूकेडी ने सुरक्षा पर उठाए सवाल

Share this article
  • दल ने सुरक्षा को लेकर किए सवालों का दस दिनों में मांगा जबाव

गोपेश्वर (चमोली)। टीएचडीसी की टीआरटी टनल हादसे को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल ने अब टीएचडीसी प्रबंधन से सीधे जवाब मांगा है। यूकेडी प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना स्थल पर पहुंचकर श्रमिक सुरक्षा और टनल की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई सवाल उठाए और इनका लिखित जवाब 10 दिन के भीतर देने की मांग की। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर दल ने व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी है।

सोमवार को यूकेडी प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना स्थल पहुंचकर टीएचडीसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अजय वर्मा के समक्ष सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल रखे। प्रतिनिधिमंडल ने पूछा कि हादसे के समय टनल के अंदर कितने श्रमिक मौजूद थे और उनकी एंट्री-एग्जिट तथा रियल टाइम लोकेशन का रिकॉर्ड क्या है। भूगर्भीय सर्वेक्षण में हादसे वाले क्षेत्र को संवेदनशील घोषित किए जाने, प्रोब ड्रिलिंग एवं जियो-टेक्निकल जांच तथा पानी के रिसाव की निगरानी के लिए लगाए गए सुरक्षा उपकरणों की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की।

दल ने टनल में अचानक मलबा और पानी आने की स्थिति में सेफ्टी अलार्म, इमरजेंसी एस्केप सिस्टम और एस्केप टनल की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। इसके अलावा स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कब किया गया, उसकी रिपोर्ट क्या रही और भू-स्खलन अथवा जमीन में मूवमेंट के संकेत मिलने के बावजूद काम क्यों नहीं रोका गया, इसकी जांच की मांग की गई।

यूकेडी ने टीएचडीसी और कार्यदायी संस्था के बीच श्रमिक सुरक्षा की जिम्मेदारी स्पष्ट करने तथा सेफ्टी ऑफिसर की रिपोर्ट और स्वतंत्र सेफ्टी ऑडिट की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। टनल में पूर्व में हुए हादसों के बाद इमरजेंसी इवैक्यूएशन मॉक ड्रिल, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के सुरक्षा निरीक्षण तथा पूर्व की घटनाओं की रिपोर्ट पर की गई कार्रवाई का ब्योरा भी मांगा गया।

दल ने मृत श्रमिकों के परिवारों को कम से कम एक करोड़ रुपये और गंभीर रूप से घायलों को न्यायोचित मुआवजा देने की मांग की। परियोजना की सभी निर्माणाधीन टनलों का विशेष सुरक्षा ऑडिट कराने और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा पूरी होने तक आवश्यकतानुसार निर्माण कार्य रोकने की मांग की गई।

यूकेडी ने कार्यदायी संस्था एचसीसी की अन्य परियोजनाओं में कथित लापरवाही तथा टीएचडीसी और एनटीपीसी से जुड़ी परियोजनाओं में कथित अवैध डंपिंग से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। दल ने उपनल के माध्यम से परियोजना में कार्यरत कर्मचारियों का बीमा कराने और बीमा होने तक उन्हें टनल के भीतर कार्य पर नहीं भेजने की मांग की। इस पर टीएचडीसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित हाट गांव को सेमलडाला-पीपलकोटी मोटर मार्ग से जोड़ने की मांग भी उठाई। यूकेडी नेताओं का कहना था कि पूर्व में सड़क संपर्क उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।

यूकेडी ने चेतावनी दी कि सभी सवालों और मांगों का संतोषजनक लिखित जवाब 10 दिनों के भीतर नहीं दिया गया तो दल व्यापक विरोध-प्रदर्शन करेगा। दल ने कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर श्रमिकों और ग्रामीणों की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता। हादसे की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की गई।

इस दौरान यूकेडी जिलाध्यक्ष युधवीर सिंह नेगी, केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सजवाण, वरिष्ठ नेता कमल किशोर डिमरी, वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी सर्वेश्वर पुरोहित समेत अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttarakhand

अयोध्या में देवभूमि की पहचान, रुद्रपुर में युवाओं की उड़ान धामी सरकार के विजन को…

Uttarakhand

पौड़ी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में युवाओं को बेहतर खेल…

Uttarakhand

पौड़ी : जनपद नैनीताल के जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी के असमय एवं आकस्मिक…

Uttarakhand

देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व ओएसडी रहे चंदन सिंह जीना के पास कथित…

Uttarakhand

‘Plant Today, Breathe Tomorrow’ थीम पर कार्यक्रम, नशे से दूर रहने और जिम्मेदार नागरिक बनने…