Uttarakhand

पौड़ी गढ़वाल : पशुपालन योजनाओं से 1726 ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार का सहारा

28
×

पौड़ी गढ़वाल : पशुपालन योजनाओं से 1726 ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार का सहारा

Share this article

पौड़ी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को स्वरोजगार और आय का सशक्त माध्यम बनाने के संकल्प के अंतर्गत संचालित पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ जिले के 1,726 ग्रामीणों को मिला है। वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक इन योजनाओं के तहत लाभार्थियों को कुल 8 करोड़ 64 लाख 90 हजार 506 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी गयी। योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को पशुपालन इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे वे अपनी आजीविका को मजबूत कर सकें।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि विभाग का विशेष फोकस ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और पात्र परिवारों को पशुपालन आधारित स्वरोजगार से जोड़ने पर है। योजनाओं के अंतर्गत आर्थिक सहायता के साथ लाभार्थियों को पशुपालन गतिविधियों के संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन एवं विभागीय सहयोग भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में गौपालन योजना के तहत 361 लाभार्थियों को 1.30 करोड़ रुपये, सामान्य वर्ग बकरी पालन योजना में 162 लाभार्थियों को 1.02 करोड़ रुपये तथा एससीपी बकरी पालन योजना में 241 लाभार्थियों को 1.52 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। इसी प्रकार महिला बकरी पालन योजना के तहत 82 लाभार्थियों को 28.70 लाख रुपये तथा मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन के अंतर्गत 305 लाभार्थियों को 1.92 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध करायी गयी।

उन्होंने बताया कि राज्य सेक्टर के अंतर्गत गौपालन, बकरी पालन, महिला बकरी पालन, मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन, गोट वैली और ब्रायलर फार्म सहित विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को पशुपालन इकाइयां स्थापित करने तथा दूध, मांस एवं अंडा उत्पादन जैसी गतिविधियों से आय अर्जित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक पात्र ग्रामीण परिवारों, महिलाओं और युवाओं को योजनाओं से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि पशुपालन के माध्यम से ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ही जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttarakhand

अयोध्या में देवभूमि की पहचान, रुद्रपुर में युवाओं की उड़ान धामी सरकार के विजन को…

Uttarakhand

पौड़ी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में युवाओं को बेहतर खेल…

Uttarakhand

पौड़ी : जनपद नैनीताल के जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी के असमय एवं आकस्मिक…

Uttarakhand

देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व ओएसडी रहे चंदन सिंह जीना के पास कथित…

Uttarakhand

‘Plant Today, Breathe Tomorrow’ थीम पर कार्यक्रम, नशे से दूर रहने और जिम्मेदार नागरिक बनने…