Uttarakhand

कोटद्वार-दुगड्डा हाईवे पर नया भूस्खलन जोन सक्रिय, चूनाधारा में पहाड़ी से लगातार गिर रहा मलबा-पत्थर, सात दुकानों और गैस गोदाम पर मंडराया खतरा

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कोटद्वार-दुगड्डा हाईवे पर नया भूस्खलन जोन सक्रिय, चूनाधारा में पहाड़ी से लगातार गिर रहा मलबा-पत्थर, सात दुकानों और गैस गोदाम पर मंडराया खतरा

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पौड़ी : पौड़ी नेशनल हाईवे पर कोटद्वार-दुगड्डा के बीच भूस्खलन का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2023 की आपदा के बाद चिह्नित किए गए 11 डेंजर जोन का ट्रीटमेंट अभी शुरू नहीं हो पाया है। इसी बीच दुर्गादेवी के बाद अब दुगड्डा के चूनाधारा क्षेत्र में नया भूस्खलन जोन सक्रिय होने से एनएच खंड धुमाकोट की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चूनाधारा में पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर आने के कारण बारिश के दौरान हाईवे पर यातायात प्रभावित हो रहा है। स्थिति गंभीर होने के कारण हाईवे से सटी सात दुकानों और गैस गोदाम पर भी भूस्खलन का खतरा मंडराने लगा है।

11 डेंजर जोन के ट्रीटमेंट के लिए 89 करोड़ स्वीकृत

वर्ष 2023 की आपदा के बाद कोटद्वार-दुगड्डा के बीच सामने आए 11 डेंजर जोन के स्थायी ट्रीटमेंट के लिए एनएच प्रशासन की ओर से टीएचडीसी से थर्ड पार्टी सर्वे कराया गया था। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ट्रीटमेंट का प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजा गया। प्रस्ताव के आधार पर केंद्र सरकार से डेंजर जोन के ट्रीटमेंट के लिए 89 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। अब बांड बनने और बरसात समाप्त होने के बाद ट्रीटमेंट का काम शुरू किया जाना प्रस्तावित है। हालांकि, स्थायी उपचार शुरू होने से पहले ही हाईवे पर नए भूस्खलन क्षेत्र सक्रिय होने से विभाग की चुनौतियां बढ़ गई हैं।

चूनाधारा में 200 मीटर से अधिक ऊंचाई से गिरा था पहाड़ी का हिस्सा

बीती 3 सितंबर को चूनाधारा पेयजल स्रोत के ऊपरी हिस्से में करीब 200 मीटर से अधिक ऊंचाई से पहाड़ी का एक हिस्सा टूटकर हाईवे पर आ गिरा था। मलबे के साथ पत्थर और पेड़ भी सड़क पर आने से कुछ समय के लिए हाईवे पर दोनों ओर यातायात पूरी तरह ठप हो गया था। इसके बाद चूनाधारा से करीब 50 मीटर दुगड्डा की ओर भी पहाड़ी पर भूस्खलन की गतिविधियां दिखाई देने लगी हैं। पहाड़ी के ठीक नीचे हाईवे से सटी नगर पालिका की सात दुकानें और गैस गोदाम स्थित हैं। ऐसे में भूस्खलन बढ़ने पर इन प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

दुर्गादेवी क्षेत्र में भी बन चुका है नया डेंजर जोन

कोटद्वार-दुगड्डा हाईवे पर दुर्गादेवी मंदिर के पास भी नया डेंजर जोन सक्रिय हो चुका है। इससे पहले इस क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटना में लोनिवि मंत्री सतपाल महाराज की कार का आगे का शीशा टूट गया था। लगातार सक्रिय हो रहे नए भूस्खलन क्षेत्रों ने बारिश के दौरान हाईवे की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

जलभराव से हाईवे और पुराने पुश्तों को भी खतरा

चूनाधारा क्षेत्र में केवल भूस्खलन ही नहीं, बल्कि जलभराव की समस्या भी हाईवे के लिए चुनौती बनी हुई है। बारिश के पानी के कारण सड़क पर गड्ढे बन रहे हैं। वहीं हाईवे के किनारे बने पुराने पुश्तों पर भी दबाव बढ़ रहा है। स्थायी ट्रीटमेंट का काम शुरू होने में अभी बरसात खत्म होने का इंतजार है। ऐसे में लगातार बारिश होने पर नए भूस्खलन क्षेत्र सक्रिय होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

89 करोड़ के ट्रीटमेंट पर टिकी निगाहें

कोटद्वार-दुगड्डा हाईवे क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे भूस्खलन के बीच अब निगाहें 89 करोड़ रुपये की स्वीकृत ट्रीटमेंट परियोजना पर हैं। यदि चिह्नित डेंजर जोन का स्थायी उपचार जल्द शुरू होता है तो हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ बरसात के दौरान यातायात बाधित होने की समस्या भी कम होने की उम्मीद है।

फिलहाल चूनाधारा में सक्रिय हुआ नया भूस्खलन क्षेत्र स्थानीय लोगों, दुकानदारों और हाईवे से गुजरने वाले यात्रियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

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