देहरादून, 12 नवंबर 2025: न्याय के मंदिर में आज मानवता का जज्बा भी छलक उठा! उत्तराखंड उच्च न्यायालय में आयोजित रक्तदान शिविर ने एक बार फिर साबित किया कि इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है। मुख्य न्यायाधीश श्री गुहनाथन नरेंदर की अध्यक्षता में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया।

यह आयोजन उच्च न्यायालय की कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) पहल का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य समाज में स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करना और लोगों को इसके महत्व के प्रति जागरूक करना है। इस अवसर पर माननीय न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी, रविंद्र मैथानी, आलोक कुमार वर्मा, राकेश थपलियाल, पंकज पुरोहित, आशीष नैथानी, आलोक माहरा और सुभाष उपाध्याय ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
माननीय न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा ने न सिर्फ रक्तदान किया, बल्कि सभी को इस जीवनदायिनी पहल में शामिल होने का संदेश दिया। विशेषज्ञ डॉक्टरों और पैरामेडिकल टीम की निगरानी में आयोजित शिविर में कुल 44 यूनिट रक्त एकत्र किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों — खासकर सरकारी अस्पतालों में इलाज करा रहे रोगियों — को जीवनदान देगा।
कार्यक्रम के अंत में कला प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें आठवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता से कार्यक्रम में रंग भर दिए।
उत्तराखंड हाईकोर्ट की यह पहल एक प्रेरणा है — न्याय के साथ समाज सेवा का भी सुंदर उदाहरण!






