Uttarakhand

देहरादून के जिलाधिकारी को मित्र सम्मान — आंदोलनकारियों ने खड़े होकर किया ऐतिहासिक स्वागत, शहीद स्मारक हाल में गूंजे तालियों के स्वर!

871
×

देहरादून के जिलाधिकारी को मित्र सम्मान — आंदोलनकारियों ने खड़े होकर किया ऐतिहासिक स्वागत, शहीद स्मारक हाल में गूंजे तालियों के स्वर!

Share this article

उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस पर देहरादून के शहीद स्मारक सभागार में उस वक्त एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा मित्र सम्मान के लिए पहुंचे जिलाधिकारी का सभी आंदोलनकारियों ने खड़े होकर ज़ोरदार तालियों से स्वागत किया। पूरा हाल सम्मान और उत्साह से गूंज उठा।

सुबह 11:30 बजे जैसे ही जिलाधिकारी सभागार पहुंचे, पुष्पलता सिलमाणा, द्वारिका बिष्ट, सत्या पोखरियाल और विजयलक्ष्मी गुसांई ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया। इसके बाद जगमोहन सिंह नेगी, डा॰ अतुल शर्मा, रविन्द्र जुगरान, पृथ्वी सिंह नेगी और वेदा कोठारी ने जिलाधिकारी को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया—जो इस कार्यक्रम का भावपूर्ण क्षण बन गया।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने जिलाधिकारी की उत्कृष्ट कार्यशैली, जनता से जुड़ाव और प्रशासनिक संवेदनशीलता की विस्तृत प्रशंसा की। प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी ने कहा कि “राज्य बनने से लेकर आज तक कई अधिकारियों को देखा, पर देहरादून में जिलाधिकारी ने अपने फैसलों से हर वर्ग का दिल जीता है। मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया यह अधिकारी शहर के लिए सौभाग्य है।”

पूर्व राज्य मंत्री रविन्द्र जुगरान ने कहा कि जिलाधिकारी के सोमवार जनता दरबार ने सैंकड़ों लोगों की जिंदगी में राहत पहुंचाई है—चाहे बुजुर्गों की मदद हो, दिव्यांगों का सहयोग या अनाथ बच्चों का संरक्षण, हर मोर्चे पर उनकी सक्रियता मिसाल बनी है।

अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने आंदोलनकारियों द्वारा मिले मित्र सम्मान के लिए गहरा धन्यवाद जताया। उन्होंने कहा—“जनसमस्याओं को हल करना मेरी नैतिक जिम्मेदारी है। 1994 के कठिन आंदोलन को मैं महसूस कर सकता हूं, जहां आप सबने परिवार और बच्चों को छोड़कर संघर्ष किया और उसी का फल हमें पृथक उत्तराखण्ड के रूप में मिला।”

बैठक में रामलाल खंडूड़ी और युद्धवीर सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री द्वारा राज्य स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर की गई घोषणाओं का शासनादेश जल्द जारी करने की मांग उठाई। वहीं चिन्हीकरण नियमों में शिथिलता लाने के लिए भी आंदोलनकारियों ने सरकार से गुहार लगाई, ताकि बुजुर्ग मातृशक्ति को न्याय मिल सके।

बैठक में उपस्थित रहे—डा॰ अतुल शर्मा, केशव उनियाल, रविन्द्र जुगरान, जगमोहन सिंह नेगी, देवी गोदियाल, अधिवक्ता पृथ्वी सिंह नेगी, वेदा कोठारी, रामलाल खंडूड़ी, प्रदीप कुकरेती, विशम्भर दत्त बौठीयाल, पूरण सिंह लिंगवाल, जबर सिंह बर्तवाल, द्विज बहुगुणा, युद्धवीर सिंह चौहान, सुरेश नेगी, मोहन खत्री, चन्द्रकिरण राणा सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी।

इस गरिमामय सम्मान समारोह ने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन की स्मृतियों को फिर से जीवंत कर दिया और साबित कर दिया कि आंदोलनकारियों का संघर्ष आज भी प्रशासनिक संवेदनशीलता को प्रेरित करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttarakhand

अयोध्या में देवभूमि की पहचान, रुद्रपुर में युवाओं की उड़ान धामी सरकार के विजन को…

Uttarakhand

पौड़ी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में युवाओं को बेहतर खेल…

Uttarakhand

पौड़ी : जनपद नैनीताल के जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी के असमय एवं आकस्मिक…

Uttarakhand

देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व ओएसडी रहे चंदन सिंह जीना के पास कथित…

Uttarakhand

‘Plant Today, Breathe Tomorrow’ थीम पर कार्यक्रम, नशे से दूर रहने और जिम्मेदार नागरिक बनने…