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संघर्षों से जूझ रही बेटियों की शिक्षा को डीएम सविन बंसल ने दी नई उड़ान

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संघर्षों से जूझ रही बेटियों की शिक्षा को डीएम सविन बंसल ने दी नई उड़ान

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देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल विषम परिस्थितियों से जूझ रही होनहार बेटियों की शिक्षा को संबल प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। जिला प्रशासन ऐसे परिवारों के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है, जहाँ सीमित संसाधनों के बावजूद बेटियों के सपनों में उड़ान भरने का जज़्बा मौजूद है। प्रशासन द्वारा बेटियों की शिक्षा को नया जीवन देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा प्रोजेक्ट ‘नंदा–सुनंदा’ के माध्यम से जीविका अंथवाल (बी.कॉम द्वितीय वर्ष) एवं नंदिनी राजपूत (कक्षा 11) की शिक्षा को पुनर्जीवित करते हुए सीएसआर फंड से दोनों छात्राओं को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

संघर्षों के बीच सीए बनने का संकल्प – जीविका अंथवाल

जीविका अंथवाल के पिता गंभीर लीवर रोग से पीड़ित हैं और लंबे समय से आईसीयू में भर्ती हैं। परिवार की संपूर्ण जिम्मेदारी उनकी माता पर है, जो सीमित संसाधनों में परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। पढ़ाई के लिए लैपटॉप एवं आर्थिक सहायता की आवश्यकता को लेकर जीविका की माता ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया था। पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से जीविका के बैंक खाते में एक लाख रुपये हस्तांतरित किए हैं। साथ ही राइफल फंड से लैपटॉप उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी की जा रही है, जिससे उनकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रह सके। जीविका का लक्ष्य चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) बनना है।

नीट की तैयारी कर डॉक्टर बनना चाहती हैं नंदिनी राजपूत

कक्षा 11 की छात्रा नंदिनी राजपूत के पिता का वर्ष 2018 में निधन हो चुका है। उनकी माता आंगनवाड़ी कार्यकर्ती हैं और पार्ट-टाइम सिलाई कर परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। परिवार की तीन बेटियाँ कक्षा 12, 11 और 6 में अध्ययनरत हैं। नंदिनी नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर डॉक्टर बनने का सपना देख रही हैं। आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने नंदिनी के बैंक खाते में भी सीएसआर फंड से एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने अपेक्षा व्यक्त की कि शिक्षा हेतु प्रदान की गई धनराशि का उपयोग पूर्णतः पढ़ाई में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सीएसआर फंड का उद्देश्य सदैव पात्र और जरूरतमंदों के कल्याण में किया जाना है। उन्होंने पात्रों के चयन में योगदान देने के लिए उप जिलाधिकारी न्याय, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं उनकी टीम की सराहना की।

जिलाधिकारी ने कहा कि विषम परिस्थितियों से जूझ रहे परिवारों की होनहार बेटियों की शिक्षा को जीवित रखना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। बेटियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने हौसले और आत्मविश्वास को बनाए रखें, शिक्षा की ‘स्पार्क’ को कभी बुझने न दें और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर आगे बढ़ती रहें।

इस अवसर पर उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, बालिकाओं के अभिभावक सहित अन्य उपस्थित रहे।

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