Uttarakhand

देवलसारी–गुजेठा नागटिब्बा ट्रेक में 82 ट्रैकर्स ने लिया प्रकृति और रोमांच का अनुभव, पर्यटकों ने निहारी हिमालय की जैव विविधता

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देवलसारी–गुजेठा नागटिब्बा ट्रेक में 82 ट्रैकर्स ने लिया प्रकृति और रोमांच का अनुभव, पर्यटकों ने निहारी हिमालय की जैव विविधता

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  • “नागटिब्बा ट्रेक रूट पर ट्रैकिंग, पर्यटकों ने निहारी हिमालय की जैव विविधता”
  • “देवलसारी–नागटिब्बा ट्रेक में देशभर से आए ट्रैकर्स, प्रकृति के बीच रोमांच का अनुभव”

टिहरी : टिहरी झील महोत्सव–2026 ‘हिमालय O2’ के अंतर्गत दिनांक 08 मार्च 2026 को नागटिब्बा ट्रेक रूट पर देवलसारी से गुजेठा तक लगभग 4.5 किलोमीटर की ट्रेकिंग सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस ट्रेकिंग में कुल 82 प्रतिभागियों के दल ने भाग लिया। सभी ट्रेकर्स प्रातः देवलसारी महादेव मंदिर में दर्शन करने के उपरांत सुबह 8 बजे औतन गांव होते हुए गुजेठा नागटिब्बा के लिए रवाना हुए। ट्रेकिंग दल को औतन गांव के सम्मानित नागरिकों द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। ट्रेकिंग दल में देश के विभिन्न राज्यों तथा उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से आए पर्यटक शामिल थे, जिनमें टिहरी जनपद के पर्यटकों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही।

इस अवसर पर पहाड़ी पेडलर की टीम द्वारा स्थानीय युवाओं एवं बच्चों के लिए एक एडवेंचर जोन तैयार किया गया, जिसमें जिपलाइन, वैली क्रॉसिंग और टीम बिल्डिंग से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां करवाई गईं। स्थानीय बच्चों ने इन गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में शामिल 15 वर्षीय अदिति रमोला, 21 वर्षीय दृष्टिबाधित दीपांशु पालीवाल, 64 वर्षीय विनोद सकलानी एवं 60 वर्षीय अरुण कुमार ने इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह व्यक्त किया।

नेचर कनेक्ट के संस्थापक अजय कंडारी ने बताया कि इन गतिविधियों में स्थानीय बच्चों ने सक्रिय रूप से भाग लिया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों को जारी रखने का आग्रह किया। उनकी टीम के सदस्य अंशुल, कृष्ण और नितिन थापा ने बताया कि रोमांचक खेलों के माध्यम से बच्चों में टीम भावना विकसित कर उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी जा सकती है।

रात्रि के समय संदीप गुसाईं द्वारा प्रतिभागियों को उत्तराखण्ड की लोक कथाएं सुनाई गईं। वहीं होमस्टे संचालक अरुण गौड़ ने प्रकाश बल्ब की सहायता से कीट-पतंगों का अवलोकन कराया और उनके बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रकृति पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं और इसे एक करियर के रूप में भी अपनाया जा सकता है।

ट्रेकिंग के दौरान वन विभाग के सहायक वन संरक्षक दिनेश नौडियाल, वन क्षेत्राधिकारी देवलसारी लतिका, डिप्टी रेंजर देवलसारी तथा स्थानीय बर्ड वॉचर अरुण गौड़ के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने बर्ड वॉचिंग, मॉथ वॉचिंग तथा क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का अवलोकन किया। दूसरी ओर प्रियंका बिष्ट ने एक समूह को योगाभ्यास करवाया तथा वेलनेस टूरिज्म के महत्व के बारे में बताया।

इस ट्रेक का मुख्य उद्देश्य राज्य में साहसिक पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म तथा इको टूरिज्म को बढ़ावा देना है। ट्रेक के दौरान प्रतिभागियों ने देवदार, बाँज, बुरांश, चीड़ सहित अनेक हिमालयी वनस्पतियों को देखा तथा हिमालयन ग्रिफॉन, हिमालयन बुलबुल, लॉन्ग-टेल्ड मिनिवेट, स्ट्रीक्ड लाफिंगथ्रश जैसे पक्षियों का अवलोकन किया। इसके अतिरिक्त कॉमन क्रो, ग्राम ब्लू तथा राज्य की तितली ‘कॉमन पीकॉक’ सहित विभिन्न हिमालयी तितलियों के सुंदर दृश्य भी देखने को मिले। ट्रेक में शामिल पर्यटकों ने इस ट्रेक रूट की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की।

इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से नोडल अधिकारी धनौल्टी एवं जिला उद्यान अधिकारी अरविंद शर्मा, पौधशाला विकास अधिकारी राहुल राणा, तहसीलदार धनौल्टी विरम सिंह पंवार, उपकोषाधिकारी थत्यूड़ ऋषिपाल सिंह तथा ग्राम सभा औतन के नागरिक उपस्थित रहे। ट्रेक की समाप्ति के उपरांत सभी प्रतिभागियों को प्रमाण–पत्र प्रदान किए गए।

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