Uttar Pradesh

सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने दिया इस्तीफा, शासन ने सस्पेंड किया, UGC नियमों और शंकराचार्य शिष्यों की पिटाई का दिया हवाला

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सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने दिया इस्तीफा, शासन ने सस्पेंड किया, UGC नियमों और शंकराचार्य शिष्यों की पिटाई का दिया हवाला

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बरेली (उत्तर प्रदेश): बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने UGC के नए नियमों 2026 और प्रयागराज में माघ मेले के दौरान ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के ब्राह्मण बटुक शिष्यों की कथित मारपीट को अपना इस्तीफा देने का मुख्य कारण बताया है।

2019 बैच के PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार शाम को डीएम आवास से बाहर आते हुए मीडिया से बातचीत में सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उन्हें डीएम आवास में लगभग 20 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया और उनसे अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। अलंकार ने दावा किया कि डीएम अविनाश सिंह को लखनऊ से किसी उच्च अधिकारी का फोन आया था, जिसमें स्पीकर ऑन होने के कारण उन्होंने खुद अपशब्द सुने। इसके साथ ही उन्हें दो घंटे के अंदर सरकारी आवास खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया।

अलंकार ने आरोप लगाया कि उनके आवास के बाहर लगे सुरक्षा टेंट को भी पुलिस ने हटा दिया, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा महसूस हो रहा है। इस दौरान उनके समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद रही।

राज्यपाल को भेजा त्यागपत्र अलंकार अग्निहोत्री ने राज्यपाल को भेजे अपने इस्तीफे में लिखा: “मैं अलंकार अग्निहोत्री, सिटी मजिस्ट्रेट, बरेली, UGC Regulations 2026 के विरोध एवं प्रयागराज में माघ मेले में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के ब्राह्मण बटुक शिष्यों की चोटी/शिखा पकड़ कर हुई मारपीट के विरोध में तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं।”

उन्होंने UGC के नए नियमों को “शिक्षा व्यवस्था पर सीधा हमला” करार दिया। इन नियमों में विश्वविद्यालयों में आरक्षण नीति में बदलाव, प्रवेश परीक्षाओं का केंद्रीकरण और पाठ्यक्रमों में धार्मिक-सांस्कृतिक विषयों को सीमित करने जैसे प्रावधान शामिल हैं, जिन्हें कई विद्वान और धार्मिक नेता सांस्कृतिक विरासत के अपमान के रूप में देख रहे हैं।

प्रयागराज घटना का जिक्र अलंकार ने कहा कि माघ मेले के दौरान प्रयागराज में ज्योतिर्मठ के शिष्यों पर कथित रूप से उनकी शिखा (चोटी) पकड़कर मारपीट की गई, जो ब्राह्मण परंपरा और धार्मिक संवेदनशीलता को गहरी चोट पहुंचाने वाली घटना है। उन्होंने इसे अपनी नैतिक जिम्मेदारी बताते हुए इस्तीफा देने का फैसला किया। शासन ने की निलंबन की कार्रवाई इस्तीफे के बाद शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया है। जांच का दायित्व मंडलायुक्त बरेली को सौंपा गया है। जांच के दौरान अलंकार DM कार्यालय शामली से संबद्ध रहेंगे।

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