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डीएम सविन बंसल का जनदर्शन बना जनआशा का केंद्र: अनाथ बच्चों को अधिकार, कैंसर पीड़ित को मदद, विधवाओं को राहत और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई

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डीएम सविन बंसल का जनदर्शन बना जनआशा का केंद्र: अनाथ बच्चों को अधिकार, कैंसर पीड़ित को मदद, विधवाओं को राहत और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई

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“डीएम सविन बंसल का जनदर्शन: 184 फरियादें, मौके पर फैसले — अनाथों को अधिकार, कैंसर मरीज को राहत और भ्रष्टाचार पर सख्ती”

देहरादून। जिला प्रशासन देहरादून का जनदर्शन कार्यक्रम अब आम जनता की उम्मीदों का केंद्र बन गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में चार घंटे तक लगातार जनता की फरियादें सुनीं — कुल 184 शिकायतों पर सुनवाई करते हुए कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया।

डीएम ने कहा कि “जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान ही सुशासन का मूल मंत्र है।”

जनता दरबार में एक मार्मिक मामला सामने आया — रायवाला के अनाथ जुड़वां भाई-बहन अक्षर और वैभव के माता-पिता की मृत्यु के बाद सौतेली मां पेंशन और संपत्ति लेकर फरार हो गई थी। जिलाधिकारी ने तत्काल एडीएम को संपत्ति बच्चों के नाम कराने और डीपीओ को बच्चों को स्पॉन्सरशिप स्कीम (वात्सल्य योजना) से जोड़ने के निर्देश दिए ताकि बच्चों की पढ़ाई और परवरिश प्रभावित न हो।

इसी तरह बिहार निवासी सुधा देवी के गंभीर रूप से बीमार दो वर्षीय बेटे का निःशुल्क इलाज कराने के निर्देश देते हुए डीएम ने बच्चे को दून अस्पताल में भर्ती कराया और एसडीएम मुख्यालय को मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी।

कैंसर पीड़ित रेनू को राइफल फंड से आर्थिक सहायता और मुख्यमंत्री कल्याण कोष से उपचार सहायता भेजने के निर्देश दिए गए। वहीं विधवा पूजा देवी को आर्थिक सहयोग और उनके बच्चों की देखभाल के लिए राहत दिलाई गई।

प्रेमनगर की उमा देवी के बेटे दीपेश को स्कूल में पुनः दाखिला दिलाने और ऋण से जुड़े मामले में एलडीएम से रिपोर्ट मांगी गई। इसी तरह सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका रेखा गुप्ता के सात महीने से लंबित पेंशन प्रकरण पर सीईओ को तीन दिन में आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

नेहा, जिनके पति की मृत्यु दुर्घटना में हो गई थी, को ऋण माफी का लाभ दिलाने हेतु उपजिलाधिकारी न्याय को निर्देश दिए गए।

डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि शराबी बेटों द्वारा बुजुर्ग माता-पिता की प्रताड़ना पर अब सख्त कार्रवाई होगी — एक ऐसे ही प्रकरण में गुंडा एक्ट में वाद दर्ज कराया गया है।

कृषि भूमि की सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा, निजी भूमि पर अवैध कब्जा, बैंक लोन विवाद, खसरा त्रुटियों से लेकर एमडीडीए मानचित्र उल्लंघन तक के मामलों पर भी मौके पर निर्णय लिए गए।

जनता दर्शन में एडीएम के.के. मिश्रा, एसडीएम स्मृता परमार, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने कहा कि “हर शिकायत की मॉनिटरिंग की जाएगी, और जो अधिकारी लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई तय है।”

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