Uttarakhand

देहरादून बना नशामुक्ति की मिसाल! उत्तरी भारत का पहला ‘मॉडल राजकीय नशा मुक्ति केंद्र’ 1 नवंबर से होगा शुरू, एम्स ऋषिकेश के साथ टाईअप

343
×

देहरादून बना नशामुक्ति की मिसाल! उत्तरी भारत का पहला ‘मॉडल राजकीय नशा मुक्ति केंद्र’ 1 नवंबर से होगा शुरू, एम्स ऋषिकेश के साथ टाईअप

Share this article

देहरादून अब नशामुक्ति की दिशा में नया इतिहास रचने जा रहा है। मुख्यमंत्री की प्रेरणा और जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में उत्तर भारत का पहला मॉडल राजकीय नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र 1 नवंबर से रायवाला में शुरू होने जा रहा है। यह अत्याधुनिक केंद्र एकीकृत एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी से लैस है, जहां एक ही नंबर पर परामर्श, चिकित्सा उपचार और पुनर्वास सहायता की सुविधा मिलेगी।

इस केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी सोसायटी प्रमोशन ऑफ यूथ एंड मासेस (SPYM) को सौंपी गई है। केवल दो माह में इसका चयन और भवन निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया, जो जिला प्रशासन की तत्परता को दर्शाता है। इस पहल को और सशक्त बनाने के लिए एम्स ऋषिकेश व समाज कल्याण विभाग के बीच टाईअप भी कराया गया है, ताकि मरीजों को 10 बेड की आरक्षित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि यह केंद्र केवल इलाज नहीं, बल्कि “पूर्ण पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन” पर केंद्रित है। ब्लॉक स्तर पर एएनएम, आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण देकर नशे के खिलाफ जंग को मजबूत किया जाएगा। साथ ही, स्कूलों में बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने के लिए नवचेतना मॉडल के तहत बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

देहरादून प्रशासन की इस ऐतिहासिक पहल से न केवल दून, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए नशामुक्ति का एक नया मॉडल तैयार हो गया है। आने वाले समय में यह केंद्र नशा मुक्ति के क्षेत्र में एक रोल मॉडल साबित होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttarakhand

युवाओं के भविष्य से नहींं होने देंगे कोई समझौता, रिकॉर्ड समय में हो रहीं भर्तियां…

Uttarakhand

पौड़ी : प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर…

Uttarakhand

गोपेश्वर (चमोली)। जनपद में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सुशासन और जनसेवा वितरण को मजबूत…