देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के आरोपों को गंभीर बताते हुए पूरे मामले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की निगरानी में उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख आस्था केंद्रों से जुड़े मामलों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में धस्माना ने कहा कि केदारनाथ मंदिर में सोने से जुड़े विवाद और बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के आरोपों ने श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच केवल स्थानीय पुलिस या किसी एक एजेंसी तक सीमित न रखकर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से कराई जाए।
धस्माना ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की भाजपा सरकारें इन मामलों में जवाबदेही तय करने में विफल रही हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों के प्रबंधन से जुड़ी संस्थाओं की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
पत्रकार वार्ता के दौरान धस्माना ने प्रदेश सरकार और भाजपा पर अन्य मुद्दों को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में महिला अपराध, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक, कथित भ्रष्टाचार, अवैध खनन और आपदा पुनर्वास जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि इन परिस्थितियों में सरकार आखिर किस बात का जश्न मना रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में प्रदेशभर में परिवर्तन संकल्प यात्रा निकाली जा रही है, जिसे जनता का समर्थन मिल रहा है।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस श्रम प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दिनेश कौशल, वरिष्ठ नेता सुशील डोभाल और आनंद सिंह पुंडीर भी उपस्थित रहे।






