Uttarakhand

व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डर वितरण के लिए नई एसओपी, राज्य को मिला अतिरिक्त 26 प्रतिशत का कोटा, सचिव आनंद स्वरूप ने जारी की संशोधित एसओपी

255
×

व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डर वितरण के लिए नई एसओपी, राज्य को मिला अतिरिक्त 26 प्रतिशत का कोटा, सचिव आनंद स्वरूप ने जारी की संशोधित एसओपी

Share this article

देहरादून। राज्य में व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए पूर्व में निर्धारित एसओपी को अतिक्रमित करते हुए नई संशोधित एसओपी लागू कर दी गई है। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य द्वारा पीएनजी को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तराखण्ड को व्यवसायिक एलपीजी हेतु अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है, जबकि 20 प्रतिशत कोटा केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में प्रदान किया गया था। इस प्रकार पूर्व निर्धारित 40 प्रतिशत के कोटे में वृद्धि करते हुए अब कुल 66 प्रतिशत कोटे के आधार पर नई व्यवस्था लागू की गई है। बता दें कि पूर्व में 40 प्रतिशत कोटे के अनुसार एसओपी निर्धारित की गई थी।

सचिव आनंद स्वरूप ने बताया कि नई एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों एवं आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी।

सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस विपणन कंपनियों द्वारा उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों को आपूर्ति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

रेस्टारेंट और ढाबों के लिए 2000 सिलेण्डर

सचिव स्वरूप ने बताया कि संशोधित एसओपी में विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों की दैनिक आवश्यकता को निर्धारित किया गया है। होटल एवं रिजॉर्ट जैसे पर्यटन आधारित प्रतिष्ठानों के लिए 1500 सिलेण्डर (24 प्रतिशत) तथा रेस्टोरेंट एवं ढाबों के लिए 2000 सिलेण्डर (32 प्रतिशत) निर्धारित किए गए हैं, जिससे पर्यटन सीजन के दौरान निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। सरकारी एवं सरकार द्वारा नियंत्रित गेस्टहाउसों के लिए 300 सिलेण्डर (5 प्रतिशत) आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, पेइंग गेस्ट सुविधा वाले छात्रावासों तथा होम-स्टे एवं स्वयं सहायता समूहों के प्रतिष्ठानों के लिए 200-200 सिलेण्डर (प्रत्येक 3 प्रतिशत) निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि विवाह समारोहों के लिए 660 सिलेण्डर (10 प्रतिशत) तथा फार्मास्यूटिकल, अस्पताल, ऑटोमोबाइल, कपड़ा, रसायन एवं अन्य प्राथमिकता वाले औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 1250 सिलेण्डर (20 प्रतिशत) का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार कुल 6310 सिलेण्डरों का दैनिक वितरण सुनिश्चित किया गया है।

देहरादून को सर्वाधिक 31 प्रतिशत आवंटन

सचिव आनंद स्वरूप ने बताया कि जनपदवार कोटा भी गैस कनेक्शनों की संख्या के अनुरूप निर्धारित कर दिया गया। देहरादून को 31 प्रतिशत के साथ सर्वाधिक आवंटन दिया गया है, जबकि हरिद्वार एवं नैनीताल को 13-13 प्रतिशत आवंटन निर्धारित किया गया है। उधमसिंह नगर को 9 प्रतिशत, चमोली को 6 प्रतिशत तथा रुद्रप्रयाग को 5 प्रतिशत आवंटन दिया गया है। टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी एवं अल्मोड़ा को 4-4 प्रतिशत, पिथौरागढ़ को 3 प्रतिशत तथा बागेश्वर एवं चम्पावत को 2-2 प्रतिशत आवंटन दिया गया है। यह व्यवस्था स्थानीय मांग और उपभोक्ता घनत्व को ध्यान में रखते हुए तय की गई है।

विवाह समारोह हेतु विशेष प्रावधान, 02 सिलेडर निर्धारित

सचिव आनंद स्वरूप ने बताया कि विवाह समारोहों के लिए विशेष प्रावधान करते हुए अधिकतम 2 व्यवसायिक सिलेण्डरों की सीमा निर्धारित की गई है। इसके लिए आवेदक को संबंधित जिलाधिकारी या नामित अधिकारी के समक्ष आवेदन करना होगा, जिसके बाद दस्तावेजों के परीक्षण उपरांत अनुमति प्रदान की जाएगी। अनुमोदन के बाद संबंधित गैस वितरक द्वारा अस्थायी कनेक्शन जारी कर आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी तथा इसकी सूचना जिलाधिकारी को भी दी जाएगी। निर्धारित अवधि पूर्ण होने के बाद यह कोटा पुनः सामान्य श्रेणियों में समायोजित कर लिया जाएगा, जिससे किसी प्रकार का दुरुपयोग न हो।

विवाह समारोह हेतु निर्धारित 660 सिलेण्डरों में देहरादून एवं नैनीताल को सर्वाधिक 176-176 सिलेण्डर आवंटित किए गए हैं, जबकि हरिद्वार एवं उधमसिंह नगर को 64-64 सिलेण्डर दिए गए हैं। अन्य जनपदों को उनकी आवश्यकतानुसार 18 से 24 सिलेण्डर तक आवंटित किए गए हैं। इसी प्रकार औद्योगिक क्षेत्रों के लिए निर्धारित 1250 सिलेण्डरों में देहरादून, हरिद्वार एवं उधमसिंह नगर को 380-380 सिलेण्डर आवंटित किए गए हैं, नैनीताल व टिहरी को बीस-बीस तथा पौड़ी को 70 सिलेण्डर आवंटित किए गए हैं।

ff262_0001

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttarakhand

अयोध्या में देवभूमि की पहचान, रुद्रपुर में युवाओं की उड़ान धामी सरकार के विजन को…

Uttarakhand

पौड़ी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में युवाओं को बेहतर खेल…

Uttarakhand

पौड़ी : जनपद नैनीताल के जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी के असमय एवं आकस्मिक…

Uttarakhand

देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व ओएसडी रहे चंदन सिंह जीना के पास कथित…

Uttarakhand

‘Plant Today, Breathe Tomorrow’ थीम पर कार्यक्रम, नशे से दूर रहने और जिम्मेदार नागरिक बनने…