Uttarakhand

बैरियर तोड़ उत्तराखंड में घुसे निहंग, तलवारें लहराते हुए बढ़े आगे, देहरादून में हाई अलर्ट, पुलिस को भी नहीं मिली लोकेशन

2
×

बैरियर तोड़ उत्तराखंड में घुसे निहंग, तलवारें लहराते हुए बढ़े आगे, देहरादून में हाई अलर्ट, पुलिस को भी नहीं मिली लोकेशन

Share this article

देहरादून/विकासनगर। चमोली जिले के कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारा विवाद के बाद उत्तराखंड में तनाव और बढ़ गया है। गुरुवार शाम पंजाब से आए निहंग सिखों का एक जत्था हिमाचल-उत्तराखंड सीमा स्थित कुल्हाल बैरियर तोड़कर राज्य में प्रवेश कर गया। पुलिस और सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बावजूद निहंगों ने बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया और कुछ स्थानों पर तलवारें भी लहराईं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, करीब 200 निहंग सिख चंडीगढ़ से हिमाचल प्रदेश के रास्ते उत्तराखंड की ओर रवाना हुए थे। प्रशासन ने उन्हें कुल्हाल चेक पोस्ट पर रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए थे। इससे पहले पांवटा साहिब गुरुद्वारे में प्रशासन, पुलिस अधिकारियों और निहंग प्रतिनिधियों के बीच करीब दो घंटे तक वार्ता चली, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया।

वार्ता विफल होने के बाद कुछ निहंग वापस लौट गए, जबकि 20 से 30 निहंगों का समूह कुल्हाल पुल पार कर उत्तराखंड सीमा तक पहुंच गया। यहां पुलिस और आईटीबीपी ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन कई घंटों तक चली तनातनी के बाद उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ गए।

पुलिस के सामने लहराईं तलवारें

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ निहंग तलवारें लहराते हुए जत्थे का नेतृत्व कर रहे थे। इस दौरान पुलिस द्वारा लगाए गए अवरोधकों और दो डंपरों को भी नुकसान पहुंचाया गया। सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन निहंग आगे बढ़ने में सफल रहे।

देहरादून में अलर्ट, प्रेमनगर बना छावनी

निहंगों के उत्तराखंड में प्रवेश की सूचना मिलते ही देहरादून प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई। प्रेमनगर चौक सहित कई संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग कर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। जिला प्रशासन ने एहतियातन कई मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल स्वयं बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ मोर्चे पर डटे रहे। देर रात तक विभिन्न स्थानों पर तलाशी और निगरानी अभियान चलता रहा।

पुलिस को भी नहीं मिली लोकेशन

स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब देर रात तक निहंगों की सटीक लोकेशन पुलिस और प्रशासन को नहीं मिल सकी। बताया गया कि जत्थे के कुछ सदस्य अलग-अलग मार्गों से आगे बढ़ गए, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौती खड़ी हो गई। रात करीब एक बजे तक निहंग प्रेमनगर नहीं पहुंचे थे और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी।

एफआईआर वापस लेने की मांग

जत्थे का नेतृत्व कर रहे निहंग जसदीप सिंह ज्ञानी ने प्रशासन से बातचीत के दौरान कहा कि उनकी मुख्य मांग कर्णप्रयाग प्रकरण में चार निहंगों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने की है। उनका कहना था कि गलती उनकी नहीं है, हालांकि उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर माफी मांगने की भी बात कही। निहंगों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी कीमत पर हेमकुंड साहिब की यात्रा पूरी करेंगे और उन्हें रोका नहीं जा सकता।

कर्णप्रयाग-नगरासू विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद और मारपीट की घटना सामने आई थी। इसके बाद रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारे में भी तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। उसी विवाद के विरोध में निहंग संगठनों ने उत्तराखंड की ओर कूच का आह्वान किया था।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

निहंगों के बैरियर तोड़कर उत्तराखंड में प्रवेश करने और बाद में उनकी लोकेशन का पता न चल पाने से पुलिस और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। विपक्षी दल और स्थानीय संगठन सुरक्षा व्यवस्था में चूक का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर शासन, पुलिस और खुफिया एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं। प्रदेश में संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttarakhand

पंतनगर : पंडित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित दो दिवसीय…

Uttarakhand

इंटरनेशनल मार्केट में पहुंची उत्तराखंड की मछली राज्य बनने के बाद पहली बार पांच मीट्रिक…

Uttarakhand

सचिव ने विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा कर तय की प्राथमिकताएं एकीकृत कृषि मॉडल, मुख्यमंत्री…

Uttarakhand

कोटद्वार। जिला गढ़वाल के महत्वपूर्ण अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के हाल बेहाल हैं, यहाँ तक…