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गुंडा नियंत्रण अधिनियम की कार्रवाई से सुधरे बेटे

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गुंडा नियंत्रण अधिनियम की कार्रवाई से सुधरे बेटे

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देहरादून। जब जिन बेटों को जन्म देकर मां ने जीवन भर पाला-पोसा, वही बेटे नशे में धुत होकर उसे पीटने लगें और हर रात जान का डर सताने लगे, तब जिला प्रशासन उस लाचार विधवा मां के लिए ढाल बनकर खड़ा हुआ।

बंजारावाला क्षेत्र निवासी विधवा विजय लक्ष्मी पंवार ने साहस जुटाकर जिला प्रशासन से शिकायत की कि उसके दोनों बेटे नशे की हालत में उसके साथ मारपीट करते हैं, पैसों की मांग करते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने पूरे मामले की गोपनीय जांच कराई। जांच के दौरान पड़ोसियों और जनप्रतिनिधियों के बयानों से पीड़ित मां के आरोपों की पुष्टि हुई।

प्रशासन द्वारा गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई प्रारंभ किए जाने के बाद पहली बार दोनों बेटों को अपनी मां के प्रति जिम्मेदारी और कर्तव्यों का एहसास हुआ। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय में दोनों पुत्रों ने अपनी मां से माफी मांगी तथा नशा छोड़ने और भविष्य में किसी भी प्रकार की हिंसा न करने का शपथ पत्र प्रस्तुत किया।

कानून का डर और मां की वर्षों की चुप पीड़ा—दोनों ने मिलकर बेटों को झकझोर दिया। जिला प्रशासन की सख्त चेतावनी और कानूनी शिकंजे के बाद दोनों के व्यवहार में सुधार को देखते हुए न्यायालय ने आगे की कार्रवाई समाप्त कर दी।

इस संबंध में जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि महिलाओं, विधवाओं और निर्बल वर्ग के उत्पीड़न पर जिला प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति होती है तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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