देहरादून, 8 नवम्बर 2025 — उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों के परिजनों को ऐतिहासिक सौगात दी। देहरादून के शहीद स्थल कचहरी परिसर में श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सीएम धामी ने पुलिस लाइन में आयोजित राज्य आंदोलनकारी सम्मान समारोह में कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। समारोह के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “उत्तराखंड राज्य का निर्माण केवल राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि देवभूमि के लाखों लोगों के बलिदान और संघर्ष का परिणाम है।” उन्होंने खटीमा, मसूरी और रामपुर तिराहा की घटनाओं को इतिहास के अमर अध्याय बताते हुए कहा कि राज्य सरकार हमेशा आंदोलनकारियों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ऐतिहासिक घोषणाएँ:

शहीद आंदोलनकारियों के नाम पर उनके क्षेत्रों की प्रमुख सुविधाओं का नामकरण किया जाएगा।
जेल गए या घायल आंदोलनकारियों की पेंशन ₹6,000 से बढ़ाकर ₹7,000 प्रति माह की गई।
अन्य आंदोलनकारियों की पेंशन ₹4,500 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रति माह की गई।
विकलांग और शय्याग्रस्त आंदोलनकारियों की पेंशन ₹20,000 से बढ़ाकर ₹30,000 प्रति माह, साथ ही मेडिकल अटेंडेंट की व्यवस्था। शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रति माह की गई।
चिन्हीकरण के लंबित आवेदन पत्रों के निस्तारण के लिए 6 माह का अतिरिक्त समय दिया गया।
राज्यभर के सभी शहीद स्मारकों का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “राज्य आंदोलनकारियों का संघर्ष और बलिदान हमारी नीतियों की आत्मा हैं। उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए हमें उसी भावना से आगे बढ़ना होगा।”
उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि राज्य स्थापना दिवस पर पांच दीपक जलाकर आंदोलनकारियों की स्मृति को नमन करें।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, सहित कई जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह और बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी उपस्थित रहे।






