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ग्राम सभा रेगडी का ऐतिहासिक फैसला : गांव में किसी भी आयोजन में शराब परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध, उल्लंघन पर ₹50 हजार जुर्माना

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ग्राम सभा रेगडी का ऐतिहासिक फैसला : गांव में किसी भी आयोजन में शराब परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध, उल्लंघन पर ₹50 हजार जुर्माना

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ज्योर्तिमठ । पहाड़ की सामाजिक संरचना को मजबूत करने और युवा पीढ़ी को नशे के चंगुल से बचाने की दिशा में जनपद की ग्राम सभा रेगडी ने एक नजीर पेश की है। मंगलवार, 03 मार्च 2026 को ग्राम सभा में आयोजित एक विशेष महापंचायत में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि गांव की सीमा के भीतर किसी भी सामाजिक, धार्मिक या सार्वजनिक आयोजन में शराब का सेवन और परोसना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस कड़े नियम का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या परिवार पर ₹50,000 (पचास हजार रुपये) का भारी अर्थदंड लगाया जाएगा।

मातृशक्ति और युवाओं का साझा संकल्प

ग्राम प्रधान हेमा देवी, महिला मंगलदल की अध्यक्ष पवित्रा देवी और नवयुवक मंगलदल के अध्यक्ष नवीन चंद्र फरस्वान की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में गांव के बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। बैठक के दौरान वक्ताओं ने चिंता व्यक्त की कि आयोजनों में शराब के बढ़ते चलन से न केवल शांति व्यवस्था भंग होती है, बल्कि पारिवारिक सद्भाव और नैतिक मूल्यों का भी पतन हो रहा है। विशेष रूप से मातृशक्ति के सम्मान और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव को भारी जनसमर्थन के साथ पारित किया गया।

विवाह और देवकार्यों पर भी लागू होगा नियम

पारित प्रस्ताव के अनुसार, अब ग्राम रेगडी में आयोजित होने वाले विवाह समारोह, मुंडन संस्कार, देव-पूजन और अन्य किसी भी प्रकार के सार्वजनिक उत्सवों में शराब परोसने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। बैठक में स्पष्ट किया गया कि यह नियम ग्राम सभा की सीमा में आने वाले प्रत्येक नागरिक और कार्यक्रम पर समान रूप से लागू होगा। यदि कोई व्यक्ति नियमों की अवहेलना करता पाया गया, तो उस पर न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि ग्राम सभा द्वारा उसके विरुद्ध आवश्यक प्रशासनिक और वैधानिक कार्यवाही भी अमल में लाई जाएगी।

सर्वांगीण विकास हेतु एकजुट हुआ गांव

ग्राम प्रधान हेमा देवी ने कहा कि यह निर्णय गांव की सामाजिक गरिमा को पुनर्जीवित करने के लिए लिया गया है। उन्होंने समस्त ग्रामवासियों से अपील की है कि गांव के सर्वांगीण विकास और एक स्वस्थ समाज के निर्माण हेतु इस नियम का कड़ाई से पालन करें और एक-दूसरे का सहयोग करें। ग्रामीणों के इस क्रांतिकारी कदम की चहुंओर प्रशंसा हो रही है, जिसे क्षेत्र में सामाजिक सुधार की दिशा में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

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